ब्रेकअप के बाद भाई ने फाड़ी बहन की चूत!
ब्रेकअप के बाद भाई ने फाड़ी बहन की चूत!
Family Sex Stories : बहन के ब्रेकअप के बाद भाई ने बीयर पीकर रात में प्रिया बहना की चूत फाड़ दी! प्यासी बहन चिल्लाई “भैया और तेज चोदो” | Antarvasna Sex Story
राहुल शर्मा 28 साल का था। लंबा, कसा हुआ शरीर, घने काले बाल और वो गहरी आँखें जो कभी-कभी बहुत कुछ छुपा लेती थीं। वो एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर था।
दिन भर कोडिंग, मीटिंग्स और डेडलाइंस में गुजरते थे। लेकिन घर आते ही सन्नाटा उसे घेर लेता था। तीन साल पहले पापा की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। माँ तो बचपन में ही चली गई थीं। अब सिर्फ वो और उसकी छोटी बहन प्रिया रह गए थे।
प्रिया 24 साल की थी। बीए फाइनल ईयर में पढ़ रही थी। गोरी चिट्टा रंग, लंबे घने बाल जो अक्सर पोनीटेल में बंधे रहते थे, और वो पतला-नाजुक शरीर जिस पर हर कपड़ा फबता था।
बचपन से ही दोनों में गहरा लगाव था। राहुल हमेशा उसे प्रोटेक्ट करता था।
स्कूल से लेकर कॉलेज तक, हर छोटी-बड़ी बात में भाई का सहारा था प्रिया को।
पापा के जाने के बाद घर का माहौल बदल गया था। पहले जहाँ हँसी-मजाक की गूँज रहती थी, अब बस खालीपन था। राहुल ऑफिस से थका-हारा आता, प्रिया कॉलेज से। दोनों मिलकर खाना बनाते, खाते और टीवी देखते। लेकिन प्रिया के चेहरे पर उदासी साफ दिखती थी।
फिर एक दिन सब बदल गया।
शाम के सात बजे प्रिया कॉलेज से लौटी। दरवाजा खुला था। राहुल किचन में चाय बना रहा था। प्रिया अंदर आई तो उसकी आँखें लाल थीं। चेहरा सूजा हुआ। बैग फेंककर वो सीधे अपने कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया।
राहुल ने पुकारा, “प्रिया? क्या हुआ?”
कोई जवाब नहीं।
राहुल दरवाजे के बाहर खड़ा रहा। “दरवाजा खोल पगली। मैं हूँ।”
दस मिनट बाद दरवाजा खुला। प्रिया रोते-रोते उसके गले लग गई। “भैया… विक्रम ने… ब्रेकअप कर दिया।”
राहुल का दिल बैठ गया। विक्रम प्रिया का तीन साल का बॉयफ्रेंड था। दोनों कॉलेज में मिले थे। राहुल को शुरू से ही वो लड़का पसंद नहीं था, लेकिन बहन की खुशी देखकर चुप रहता था।
“क्या हुआ? बैठ के बताओ सब।” राहुल ने उसे सोफे पर बिठाया।
प्रिया रोती रही। “उसने कहा कि वो शादी नहीं करना चाहता। किसी और लड़की से बात कर रहा है। तीन साल… सब झूठ था भैया। मैंने उसे सब कुछ दे दिया था।”
राहुल ने उसे सीने से लगाया। प्रिया के आँसू उसकी शर्ट गीले कर रहे थे। उसकी नाजुक देह काँप रही थी। राहुल उसके बालों में हाथ फेरता रहा। “रो मत। वो तेरे लायक नहीं था। तू इतनी अच्छी है, कोई न कोई तुझे सच्चा प्यार देगा।”
उस रात प्रिया ने खाना नहीं खाया। राहुल ने जबरदस्ती दूध पिलाया। प्रिया सोने गई तो राहुल भी अपने कमरे में गया, लेकिन नींद नहीं आई। बार-बार प्रिया के रोने की आवाज याद आ रही थी।
आखिरकार रात ढाई बजे वो उठा और प्रिया के कमरे में चला गया।
प्रिया जाग रही थी। आँखें सूजी हुईं। “भैया… अकेले डर लग रहा है।”
“मैं यहीं सो जाता हूँ आज।” राहुल ने उसके बेड के एक कोने पर लेटने की कोशिश की।
प्रिया ने खुद-ब-खुद उसके सीने से चिपक ली। “पास आओ ना।”
राहुल ने हिचकिचाते हुए उसे गले लगाया। प्रिया की साँसें उसके गले पर पड़ रही थीं। उसके नरम स्तन राहुल की छाती से हल्के-हल्के दब रहे थे। राहुल का हाथ उसकी पीठ पर था। दोनों चुपचाप लेटे रहे। हल्की गर्मी एक-दूसरे के शरीर से हो रही थी।
अगले दिन सुबह प्रिया उठी तो राहुल पहले ही चाय बना चुका था। दोनों ने चुपचाप चाय पी। प्रिया की आँखें अभी भी सूजी हुई थीं। राहुल ने ऑफिस जाते समय उसका सिर सहलाया।
“कॉलेज जाना, मन लगाकर पढ़ना। मैं शाम को जल्दी आ जाऊंगा।”
प्रिया ने हल्के से सिर हिलाया।
इस तरह दिन बीतने लगे। राहुल दिन भर ऑफिस में रहता, लेकिन मन प्रिया के पास होता। प्रिया कॉलेज जाती, लेकिन लेक्चर में ध्यान नहीं लगता। शाम को दोनों घर आकर मिलते। प्रिया अब पहले जितनी बातें नहीं करती थी। बस चुपचाप राहुल के पास बैठ जाती।
एक शाम राहुल ने पूछा, “आज कुछ खास बनाऊँ?”
प्रिया ने धीरे से कहा, “जो तुम बनाओ।”
राहुल ने चिकन करी बनाई। खाते समय प्रिया ने पहली बार हल्के से मुस्कुराया। “भैया, तुम अच्छे हो।”
राहुल ने उसके सिर पर हाथ रखा। “तुम भी।”
धीरे-धीरे रातें साथ बिताने की आदत पड़ गई। पहले तो राहुल प्रिया को सुलाने के बाद अपने कमरे जाता, लेकिन प्रिया कहती, “भैया यहीं सो जाओ ना। अकेले डर लगता है।”
राहुल रह जाता। ये Antarvasna वाली Bhai Bahan Aur Shadi Ki Hindi Sex Stories आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!
घर में नॉर्मल दिनचर्या के बीच धीरे-धीरे छोटी-छोटी बातें बदलने लगी थीं। राहुल अब ऑफिस से जल्दी लौटने की कोशिश करता। प्रिया भी कॉलेज के बाद सीधे घर आ जाती। दोनों मिलकर रसोई में खाना बनाते।
प्रिया सब्जी काटती तो राहुल उसके पास खड़ा होकर बातें करता। कभी-कभी राहुल का हाथ अनजाने में प्रिया की कमर को छू जाता। प्रिया कुछ नहीं कहती, बस हल्का सा मुस्कुरा देती।
एक शाम बरसात हो रही थी। लाइट चली गई। प्रिया डर गई। “भैया… अंधेरा हो गया।”
राहुल ने मोमबत्ती जलाई और प्रिया को पास बिठाया। “डर मत। मैं हूँ ना।” उसने प्रिया के कंधे पर हाथ रख दिया। प्रिया धीरे से उसके सीने पर सिर टिका दिया। बारिश की आवाज के बीच दोनों चुपचाप बैठे रहे।
राहुल की उँगलियाँ प्रिया के बालों में घूम रही थीं। प्रिया की साँसें थोड़ी तेज हो रही थीं।
“भैया… तुम्हारी छुअन में अच्छा लगता है,” प्रिया ने फुसफुसाया।
राहुल का दिल जोर से धड़का। उसने प्रिया को और पास खींच लिया। उसके होंठ प्रिया के माथे पर लगे। प्रिया ने आँखें बंद कर लीं। एक पल के लिए दोनों के बीच सन्नाटा छा गया, सिर्फ बारिश की आवाज।
अगले दिन सुबह प्रिया नहा रही थी। राहुल किचन में ब्रेकफास्ट बना रहा था। प्रिया सिर्फ एक बड़ा टॉवल लपेटे बाहर आई। उसके गीले बाल कंधों पर बिखरे हुए थे। पानी की बूँदें उसके गले से नीचे सरक रही थीं।
राहुल की नजर अनजाने में उसके क्लिवेज पर चली गई। प्रिया ने देख लिया लेकिन कुछ नहीं कहा। बस मुस्कुराई और अपने कमरे में चली गई।
रात को खाना खाते समय प्रिया ने राहुल की प्लेट में एक्स्ट्रा चिकन डाला। “तुम थक जाते हो भैया। ज्यादा खाओ।”
राहुल ने उसके हाथ को हल्के से पकड़ लिया। “तुम भी अपना ख्याल रखो।”
उस रात फिर दोनों एक ही बेड पर सोए। प्रिया राहुल की बाँह के नीचे सो गई। राहुल का हाथ उसकी कमर पर था। बीच-बीच में प्रिया करवट बदलती तो उसका नितंब राहुल की जाँघ से रगड़ खाता।
राहुल को नींद नहीं आ रही थी। उसका शरीर गर्म हो रहा था। प्रिया की साँसें उसके गले पर पड़ रही थीं।
एक रात टीवी देखते हुए प्रिया राहुल की गोद में सिर रखकर लेट गई। उसकी टीशर्ट ऊपर खिसक गई थी। राहुल की उँगलियाँ उसकी कमर की नंगी त्वचा पर घूम रही थीं। प्रिया ने हल्के से कराह दी — “मmmh…”
“क्या हुआ?” राहुल ने पूछा।
“कुछ नहीं… अच्छा लग रहा है,” प्रिया ने आँखें बंद करके कहा।
राहुल का हाथ धीरे-धीरे ऊपर सरका। उसने प्रिया की ब्रा की स्ट्रैप को छुआ। प्रिया ने कुछ नहीं रोका। बस उसकी साँसें भारी हो गई थीं। राहुल ने हिम्मत करके प्रिया के गाल पर किस किया।
प्रिया ने मुड़कर राहुल के होंठों को हल्के से चूम लिया। सिर्फ एक नरम किस। फिर दोनों शर्म से अलग हो गए।
इस तरह छोटे-छोटे सेडक्शन के पल बढ़ते गए। कभी प्रिया राहुल के सामने झुककर कुछ उठाती तो उसकी टीशर्ट से ब्रा दिख जाती। राहुल देख लेता और नजर फेर लेता।
कभी राहुल शर्ट उतारकर घूमता तो प्रिया उसकी छाती और एब्स को चुपचाप देखती। ये Family me Bhai-Bahan Ki Antarvasna Free Hindi Sex Story आप vasnastory.com पर पढ़ रहे हो।
एक दिन प्रिया ने राहुल से कहा, “भैया, आज मेरे कमरे में ही सोना। मेरा मन अच्छा नहीं है।”
राहुल मान गया। उस रात प्रिया ने हल्की शॉर्ट्स और टॉप पहना था। दोनों बेड पर लेटे। प्रिया राहुल से चिपककर लेटी। उसकी टाँग राहुल की टाँग पर थी। राहुल का हाथ उसकी जाँघ पर था। धीरे-धीरे हाथ ऊपर सरकने लगा। प्रिया की साँसें तेज हो गईं।
“भैया… तुम्हें अच्छा लगता है ना जब मैं पास आती हूँ?” प्रिया ने धीमी आवाज में पूछा।
राहुल ने “हाँ” में सिर हिलाया। उसका हाथ प्रिया की जाँघ के अंदरूनी हिस्से पर पहुँच गया। प्रिया ने हल्के से टाँगें खोलीं। राहुल ने सिर्फ सहलाया। कोई और आगे नहीं बढ़ा। दोनों की साँसें भारी थीं। प्रिया ने राहुल की छाती पर किस किया।
“सो जाओ भैया।”
अगले कुछ दिन इसी तरह गुजरे। घर के अंदर छोटी-छोटी छुअनें, नजरों का मिलना, शर्मीली मुस्कानें। राहुल को दिन भर ऑफिस में प्रिया याद आती। प्रिया कॉलेज में राहुल के स्पर्श याद करके अनमनी रहती।
अब दोनों के लिए एक ही कमरा नॉर्मल हो गया था। राहुल का कमरा बड़ा था, डबल बेड, एसी और अटैच्ड बाथरूम। प्रिया ने अपने कमरे का सामान धीरे-धीरे वहाँ शिफ्ट कर लिया।
“अकेले सोने में डर लगता है भैया,” उसने कहा था। राहुल ने विरोध नहीं किया।
हर रात एक ही रूटीन। ऑफिस और कॉलेज से लौटकर दोनों साथ बैठते, खाना खाते, फिर बेड पर लेटकर बातें करते। राहुल अब प्रिया के ब्रेकअप के बारे में और जानना चाहता था। वो देख रहा था कि प्रिया की उदासी दूर नहीं हो रही।
एक रात दोनों बेड पर लेटे थे। लाइट्स डिम थीं। प्रिया राहुल की बाँह पर सिर रखे लेटी हुई थी। राहुल ने उसके बालों में उँगलियाँ फिराईं।
“प्रिया, अब तो बता दो पूरी बात। क्या हुआ था विक्रम के साथ? इतना दर्द क्यों है तुम्हें?”
प्रिया ने कुछ पल चुप रहकर गहरी साँस ली। “भैया… शुरू में सब अच्छा था। वो बहुत प्यार करता था। डेट्स, गिफ्ट्स, लेट नाइट कॉल्स। लेकिन पिछले साल से चीजें बदल गईं।”
राहुल चुपचाप सुन रहा था। उसका हाथ प्रिया की पीठ पर धीरे-धीरे घूम रहा था।
प्रिया जारी रही, “वो फिजिकल चीजों पर ज्यादा जोर देने लगा। मैंने सोचा प्यार में सब नॉर्मल है। लेकिन वो कभी-कभी रफ हो जाता। मुझे दर्द होता। फिर भी मैं चुप रहती।
एक दिन उसने बोला कि वो शादी नहीं करेगा। बस एंजॉय करना चाहता है। जब मैंने विरोध किया तो उसने कहा कि मैं frigid हूँ, कोई और लड़की उसे बेहतर तरीके से खुश रखती है।”
प्रिया की आवाज भर्रा गई। “मैंने तीन साल अपनी बॉडी और दिल दोनों उसे दिए भैया। और अंत में मुझे बोला कि मैं बोरिंग हूँ।”
राहुल का खून खौल रहा था। उसने प्रिया को कसकर गले लगा लिया। “वो कमीना था। तू बोरिंग नहीं है। तू बहुत प्यारी है, समझदार है, और… बहुत खूबसूरत है।”
प्रिया ने राहुल की छाती पर अपना चेहरा छुपा लिया। उसके आँसू राहुल की टीशर्ट गीले कर रहे थे। राहुल ने उसका सिर उठाया और माथे पर किस किया। फिर गाल पर। फिर होंठों के कोने पर। प्रिया ने आँखें बंद कर लीं।
“भैया… तुम मुझे कभी छोड़ोगे ना?” उसने काँपती आवाज में पूछा।
“कभी नहीं,” राहुल ने उसके होंठों पर हल्का सा किस करते हुए कहा।
इस बार किस थोड़ी लंबी थी। प्रिया ने राहुल के होंठ चूस लिए। दोनों की साँसें गर्म हो गईं। राहुल का हाथ प्रिया की कमर के अंदर टीशर्ट में घुस गया। नंगी त्वचा को सहलाया।
प्रिया की कराह हल्की सी निकली — “आह्ह…”
राहुल रुका। “सॉरी… मैं…”
“नहीं भैया… मत रुको। अच्छा लग रहा है,” प्रिया ने उसे और पास खींचा।
उस रात सिर्फ किसिंग और हल्की टचिंग हुई। राहुल ने प्रिया के स्तनों को टीशर्ट के ऊपर से दबाया। प्रिया ने राहुल की पीठ पर नाखून गड़ाए। दोनों के शरीर में आग थी, लेकिन उन्होंने खुद को रोका। थकान के मारे दोनों लिपटे सो गए।
सुबह राहुल उठा तो प्रिया अभी सो रही थी। उसकी टीशर्ट ऊपर खिसकी हुई थी। गोरे पेट और नाभि दिख रही थी। राहुल ने कंबल ठीक किया और चाय बनाने चला गया।
पूरे दिन ऑफिस में राहुल का मन उचट रहा था। प्रिया की बातें, उसकी छुअन, उसकी कराह याद आ रही थी। प्रिया भी कॉलेज में बेचैन थी। लेक्चर सुनते हुए बार-बार कल रात का किस याद करके उसके गाल लाल हो जाते।
शाम को दोनों घर लौटे। राहुल ने कहा, “आज थोड़ी बीयर ले आया हूँ। मूड ठीक करने के लिए।”
प्रिया ने शर्माते हुए सिर हिलाया। “ठीक है।”
रात के नौ बज चुके थे। दोनों लिविंग रूम में बैठे थे। टीवी पर कोई पुराना रोमांटिक गाना चल रहा था। राहुल ने दो बोतल लाइट बीयर खोलीं। प्रिया ने पहली बार हिचकिचाते हुए बोतल ली।
“धीरे-धीरे पीना,” राहुल ने कहा। ये Bhai Bahan Ki Parivarik Chudai Kahani आप vasnastory.com पर पढ़ रहे हो।
प्रिया ने घूँट लिया। नशा हल्का-हल्का चढ़ने लगा। दोनों की बातें शुरू हुईं। ब्रेकअप की बची हुई बातें। प्रिया ने बताया कैसे विक्रम उसे सिर्फ फिजिकल के लिए इस्तेमाल करता था।
राहुल सुनता रहा और बीच-बीच में प्रिया के हाथ को थाम लेता।
धीरे-धीरे प्रिया राहुल की गोद में आ गई। उसकी गर्दन राहुल के कंधे पर टिकी हुई थी। राहुल का हाथ उसकी जाँघ पर था, हल्के-हल्के सहला रहा था। प्रिया ने बीयर का आखिरी घूँट लिया और बोतल साइड रख दी।
“भैया… मुझे लगता है मैंने कभी सच्चा प्यार नहीं देखा,” प्रिया ने आँखें बंद करके कहा।
राहुल ने उसका चेहरा उठाया। “अब देख रही हो ना?” उसने प्रिया के होंठों पर गहरा किस किया। इस बार जीभें मिलीं। प्रिया की साँसें तेज हो गईं। “Mmmhh… भैया…”
राहुल का हाथ प्रिया की टीशर्ट के अंदर गया। उसने ब्रा के ऊपर से स्तनों को सहलाया। प्रिया काँप उठी। उसने राहुल की शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए। दोनों की देह गर्म हो रही थी। किसिंग तेज हुई। राहुल ने प्रिया को गोद में उठाकर बेडरूम ले गया।
बेड पर गिरते ही राहुल ने प्रिया की गर्दन चूमनी शुरू कर दी। प्रिया की कराहें निकल रही थीं — “आह्ह… भैया… अच्छा लग रहा है…”
राहुल ने टीशर्ट ऊपर की। ब्रा हटाई। गोरे, नरम स्तन सामने थे। उसने एक को मुंह में ले लिया, चूसने लगा। प्रिया की कमर उठ रही थी। “उम्म्म… हाँ… और जोर से चूसो…”
दूसरा हाथ प्रिया की शॉर्ट्स के अंदर गया। पैंटी गीली हो चुकी थी। उँगलियाँ सहलाने लगीं। प्रिया काँप रही थी। “भैया… मैं… आह्ह्ह…”
लेकिन उस रात उन्होंने पूरा सेक्स नहीं किया। राहुल खुद को बहुत मुश्किल से रोक रहा था।
दूसरा हाथ धीरे-धीरे प्रिया की शॉर्ट्स के अंदर सरक गया। उसकी पैंटी पहले ही पूरी तरह गीली हो चुकी थी। राहुल की मोटी उँगलियाँ पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत की लकीर को सहलाने लगीं।
प्रिया का पूरा शरीर एक झटके से काँप उठा। “भैया… वहाँ… आह्ह्ह…” उसकी आवाज काँप रही थी, साँसें तेज हो गई थीं।
राहुल ने प्रिया को और पास खींचा। एक हाथ से उसके नंगे स्तन को निचोड़ते हुए दूसरे हाथ से पैंटी के अंदर उँगली डाल दी। गर्म, चिपचिपा रस उसकी उँगलियों पर लग गया।
वो बहुत धीरे-धीरे उँगली अंदर-बाहर करने लगा, बीच-बीच में क्लिटोरिस को अँगूठे से दबाता। प्रिया की कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठ रही थी। “भैया… आह्ह्ह… धीरे… लेकिन मत रुको… मmmhh… बहुत अच्छा लग रहा है…”
राहुल ने उसका चेहरा अपनी तरफ घुमाया और गहरा किस किया। जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं। किसिंग के बीच वो प्रिया के निचले होंठ को हल्के से काट रहा था। फिर उसने प्रिया की गर्दन पर किस करते हुए नीचे उतरना शुरू किया।
स्तनों को चूसने लगा — पहले एक, फिर दूसरा। निप्पल को जीभ से घुमाता, हल्के से काटता। प्रिया के हाथ राहुल के बालों में फँसे हुए थे। “भैया… चूसो जोर से… आह्ह्ह… काटो… हाँ…”
राहुल का हाथ अब तेजी से प्रिया की चूत में उँगलियाँ चला रहा था। दो उँगलियाँ अंदर थीं, अंदर-बाहर हो रही थीं। प्रिया की चूत से पानी जैसा रस बह रहा था। “भैया… मैं… मैं आने वाली हूँ… आह्ह्ह… तेज… तेज उँगलियाँ चलाओ…”
प्रिया का शरीर तन गया। उसकी टाँगें काँपने लगीं। राहुल ने उँगलियों की रफ्तार बढ़ा दी और स्तन को जोर से चूस लिया।
प्रिया चीख पड़ी — “भैया… आ गई… आह्ह्ह्ह… मmmhh…!” उसका पूरा शरीर झड़झड़ा गया। ऑर्गेज्म इतना तेज था कि उसकी आँखों के सामने अंधेरा छा गया।
राहुल ने उँगलियाँ निकालीं तो वे पूरी तरह चिपचिपी हो चुकी थीं। प्रिया ने शर्म से राहुल की छाती में मुँह छुपा लिया। राहुल ने उसे कसकर गले लगाया, उसके माथे और गाल पर किस किया। “सो जा अब… सब ठीक है।”
प्रिया ने राहुल की जाँघ पर अपनी टाँग रख दी। राहुल का हाथ अभी भी उसके नंगे स्तन पर था, हल्के-हल्के सहला रहा था। दोनों थकान, शर्म और खुशी के मिश्रण में एक-दूसरे से चिपके सो गए।
आगे की कहानी : ब्रेकअप के बाद भाई ने फाड़ी बहन की चूत! 02
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