बेटे ने माँ और कामवाली कामिनी को बनाया रखैल 02
“आह्ह्ह… मर गई… और जोर से मसलो मेरे चूचे… आह…” कामिनी चीख रही थी, मेरे हमलों से उसका पूरा बदन पागल हो रहा था। मैंने उसके चूचों को इतनी जोर से मसला कि वह दर्द और मजे में चीख उठी।
“ले रंडी, ले! कैसा लग रहा है? तेरी चूत को असली मजा मिल रहा है ना?” मैं चोदते हुए बोला और उसकी गांड पर एक जोरदार तमाचा मारा।
“आह… मार दिया… हां बाबूजी… मजा आ रहा है… और जोर से मारो… फाड़ दो मेरी चूत… आह…” कामिनी बिल्कुल पागल हो चुकी थी।
उसी वक्त बाथरूम का दरवाजा खुला और मम्मी बाहर निकलीं। वह एक तौलिया लपेटे हुई थीं और उनके बाल गीले थे। जब उन्होंने देखा कि मैं कामिनी को चोद रहा हूं, तो वह वहीं जम गईं। उनकी आंखों में हैरानी और शायद थोड़ी ईर्ष्या भी थी।
मैंने उन्हें देखा और मुस्कुराया। “आ गईं, माँ? देखो तुम्हारी बहू को कैसे चोद रहा हूं।”
मम्मी कुछ नहीं बोलीं, पर वह वहीं खड़ी रहीं और देखती रहीं। मैंने कामिनी को पलट दिया और उसके ऊपर चढ़ गया। अब मैं उसके होंठ चूस रहा था और उसकी चूत में लंड पेल रहा था।
“आह्ह्ह… बाबूजी… मैं झड़ने वाली हूं… आह…” कामिनी चिल्लाई।
“हां, झड़ जा, रंडी! झड़ मेरे लंड पर!” मैंने कहा और तेजी से धक्के मारने लगा।
थोड़ी ही देर में कामिनी झड़ गई। उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और उसका शरीर ढीला पड़ गया। मैं भी झड़ने वाला था। मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला और उसके मुंह पर अपना वीर्य छोड़ दिया।
“पी इसे, रंडी!” मैंने कहा।
कामिनी ने मेरा वीर्य पी लिया। फिर मैंने उसे उठाया और उसके कपड़े पहनाए।
“अब जाकर सो जा। कल से तू मेरी रखैल है।” मैंने कहा।
कामिनी शर्म से पानी-पानी होकर चली गई। अब कमरे में मैं और मम्मी ही थे। मैं उठकर उनके पास गया। उनका तौलिया गीला हो गया था और उनके चूचे साफ दिख रहे थे।
“क्या देख रही थीं, माँ?” मैंने पूछा।
“कुछ नहीं।” मम्मी ने कहा और पलक झुका ली।
मैंने उनका तौलिया खोल दिया। अब वह मेरे सामने पूरी नंगी थीं। मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और उनके होंठों पर किस करने लगा।
“रोहित, यह गलत है।” मम्मी ने कहा, पर उनकी आवाज में कमजोरी थी।
“क्यों गलत है, माँ? हम तीनों को तो मजा आएगा।” मैंने कहा और उनकी चूचियों को चूसना शुरू कर दिया।
मम्मी ने भी अब मुझे रोकना छोड़ दिया और मेरे बालों में हाथ फेरने लगी। ये XXX Maa Bete Ki Chudai Ki Kahani आप vasnastory.com पर पढ़ रहे है।
मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी चूचियों को चूसना शुरू कर दिया। उनके गुलाबी निप्पल मेरे मुंह में आ गए और मैं उन्हें दांतों से काटने लगा।
“आह्ह्ह… रोहित… धीरे… दर्द हो रहा है… आह…” मम्मी चीख रही थीं, पर उनकी आवाज में मजा भी था।
“चुप रह, साली रंडी! आज मैं तेरी चूचियों की ऐसी-तैसी करूंगा।” मैंने कहा और उनकी दूसरी चूची को मुंह में भर लिया।
मैंने उनकी चूत में उंगली करने लगा। उसे पहले ही चुदाई से गीली होने के बाद भी फिर से पानी छोड़ना शुरू कर दिया था। उसकी चूत गर्म और लसदार थी।
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“आह्ह्ह… रोहित… और जोर से… फिर से चोदो मुझे… आह…” मम्मी चिल्ला रही थीं।
“तू भी तैयार है, माँ? तू भी अपने बेटे का लंड लेने को बेचैन है?” मैंने कहा और उनकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी।
“आह्ह्ह… हां… मैं तैयार हूं… चोदो मुझे… अपनी मां को चोदो… आह…” मम्मी बिल्कुल पागल हो गई थीं।
मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया। “तैयार हो, माँ? आज तेरी चूत की वीर्य से नहाने वाला हूं।”
“हां, मेरे राजा… डाल दे अपना मोटा लंड… फाड़ दे मेरी चूत… आह…” मम्मी चिल्ला रही थीं।
मैंने एक जोरदार धक्का दिया और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में समा गया।
“आअहहहह… माँ… बाप रे… मर गई… निकालो… रोहित… निकालो अपना हरामखोर लंड… फट गई मेरी चूत…” मम्मी दर्द से चिल्लाईं।
मैंने उनके बालों को खींचकर उनका सिर पीछे किया और उनके गले पर किस करने लगा।
“चुप बिट्च, साली रंडी! आज से तू मेरी रखैल है, मेरी मां नहीं। समझी? और एक रखैल को अपने मालिक का लंड लेने में मजा आना चाहिए।” यह कहकर मैंने एक और धक्का दिया और मेरा पूरा लंड उनकी चूत की गहराइयों में समा गया।
“आह… रोहित… और जोर से… फाड़ दे मेरी चूत… आह… हाय… मैं तेरी रांड हूं… मैं तेरी रखैल हूं… आह… चोद अपनी मां को… आह…” अब मम्मी भी पूरी तरह से पागल हो गई थीं और मुझे चोदने का मजा ले रही थीं।
मैंने उन्हें पलट दिया और उनके ऊपर चढ़ गया। अब मैं उनके होंठ चूस रहा था और उनकी चूत में लंड पेल रहा था। उन्होंने अपने पैर मेरे कमर में लपेट लिए थे और मेरे धक्कों का जवाब अपनी गांड उठाकर दे रही थीं।
“ले माँ, ले मेरा लंड! कैसा लग रहा है तेरी बेटे का लंड? तेरे पति से बड़ा और मोटा नहीं है क्या? आह… तेरी चूत तो बहुत टाइट है रांड… ऐसी चूत को तो रोज चोदना चाहिए।”
मैं चोदते हुए गालियां दे रहा था और मम्मी की चूत की पिटाई कर रहा था। मेरे लंड का हर वार उनकी गहराइयों में उतर रहा था और उनकी चूत पानी छोड़ रही थी।
“आह्ह्ह… रोहित… मैं झड़ने वाली हूं… मेरे राजा… अपनी मां की चूत में वीर्य डाल दे… आह…” मम्मी चिल्ला रही थीं।
“हां, माँ! झड़ जा! आज से तू मेरी रखैल है, मेरी रांड है! समझी?” मैंने कहा और तेजी से धक्के मारने लगा।
थोड़ी ही देर में मम्मी झड़ गईं। उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया और उनका शरीर ढीला पड़ गया। मैं भी झड़ने वाला था। मैंने अपना लंड उनकी चूत से निकाला और उनके मुंह पर अपना वीर्य छोड़ दिया।
“पी इसे, माँ! पी अपने बेटे का वीर्य!” मैंने कहा।
मम्मी ने मेरा वीर्य पी लिया। फिर मैंने उन्हें उठाया और उनके कपड़े पहनाए।
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