ऑफिस कि लड़की के साथ उसके जन्मदिन पर ग्रुप चुदाई
मित्रों, यह एक Sex Kahani मेरे ऑफिस के एक दोस्त की है। वह बहुत खुले विचारों वाली थी और कहती थी कि जब भी आपको सेक्स की जरूरत हो, आप आकर चुदाई का आनंद ले सकते हैं, चाहे कोई भी हो
उसका घर गुड़गांव में था।
उसका नाम मनीषा (बदला हुआ नाम) है और वह मेरी जूनियर है।
मनीषा की उम्र 33 वर्ष है।
उसका आकार बहुत अच्छा है। उसके 36 इंच के स्तन, 30 इंच की कमर और 38 इंच की गोल मटोल से उसकी गांड इतनी मदमस्त लगती है कि दोस्तों क्या कहना।
उसका एक प्रेमी था, लेकिन फिर भी वह मुझसे चुद गयी।
वह एक दिन मेरे केबिन में बड़े गले का टॉप पहनकर आई, जैसा कि सेक्सी गर्ल की कहानी में हुआ था।
वह कुछ इस तरह झुक कर मेरी टेबल पर खड़ी हो गई कि उसके दोनों पपीते मेरे लौड़े को सलामी देने लगे।
उसके दूध को देखकर मैंने कहा, “नाइस फिगर!”
डू यू लाइक सर? वह हँसकर बोली।
मैंने उसके मम्मों के बीच अपने पेन को रखा और लंबी सी सांस लेते हुए कहा– कौन चूतिया होगा जो इन्हें चूसना पसंद नहीं करेगा.
वह एकदम से पलटी और केबिन का दरवाजा लॉक करके मेरे सामने खड़ी हो गई.
मैंने समझ लिया कि साली रंडी है.
मैंने आगे बढ़ कर उसके टॉप को उठाया और एक दूध को मुँह में भर कर चूसने लगा.
बस इस तरह से वह मेरे लौड़े के नीचे आ गई.
उस रात हम दोनों ने मेरे फ्लैट में मस्त चुदाई की और वह मेरे लौड़े की मुरीद हो गई.
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अब जब भी वह मेरे सामने नंगी होती थी तो कसम से उसके दूध ऐसे उछलते थे जैसे दो गेंदें उछल रही हों.
वह दिन 3 फरवरी 2019 का था.
उस दिन सुबह के 11 बजे मैंने अपने केबिन में बैठ कर उसे लिखा.
सुप्रभात बेबी, जन्मदिन की शुभकामनाएं।
मैसेज में उसने कहा: “नीचे कैंटीन में मिलते हैं।”
हम बाद में कैफेटेरिया में मिले, और मैंने उसके माथे पर एक छोटा सा चुंबन दिया।
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कैफेटेरिया में उस समय कोई नहीं था।
मनीषा: मेरे जन्मदिन का उपहार बताओ, राकेश। आप कल से मुझे परेशान कर रहे हैं। आप न तो बता रहे हैं और न ही कहीं ले जा रहे हैं। मैं आपसे अनुरोध करती हूँ। नहीं तो मैं अपने वाले के साथ जाऊँगी..। भी, वह मेरी प्रतीक्षा कर रहा होगा।
मैं–मनीषा, आज तुम्हें जो मज़ा मिलेगा, वह जीवन में कभी नहीं मिलेगा। आज आपका जन्मदिन मनाया जाएगा, जिसकी याद हर दिन रहेगी।
यह कहते हुए मैंने उसकी चूत पर हाथ फेरा, तो पता चला कि उसने कच्छी पहनी हुई थी।
ठीक उसी समय मैंने उसे धक्का देकर कहा, “साली रंडी, मैंने तुम्हें आज कच्छी नहीं पहनने के लिया कहा था।” अब जाओ और अपने प्रेमी से चुदवा। मेरे पास नहीं आना !
मैं वहां से चला गया और वह रोने लगी।
थोड़ी देर बाद, मनीषा ने व्हाट्सएप पर लिखा, “राकेश, मुझे सच में दुःख है कि मैंने तुम्हें मेरे जन्मदिन पर निराश किया।”
फिर उसने कच्छी उतारने का वीडियो मुझे भेजा।
वह कच्छी को उतारकर डस्टबिन में फेंकती दिखती थी।
मैंने उसे जवाब देते हुए कहा कि यह कच्छी उतारने से मैं नहीं मानने वाला। आज मुझे शांत करने के लिए कुछ करो!
मनीषा: 5 मिनट बाद महिला टॉयलेट में जाओ। बाएँ से तीसरे वाले में आपके लिए एक सौदा है। मैं मेरी जिलो-जान से तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ।
मैं—ठीक है, चलो आप वहाँ क्या कर सकते हैं। झांट कुछ नहीं कर पाएंगे..। मैं फिर भी आता हूँ।
5 मिनट बाद मैं वहां गया, तो वहाँ कोई नहीं था।
फिर मैं तीसरे वाले तीन केबिन के पास गया तो दरवाजा एकदम से खुला, और मैंने देखा कि मनीषा पूरी तरह से नंगी थी। वह घुटनों के बल नीचे बैठी हुई थी। उसने लाल कलर से अपने माथे पर गुलाम राकेश लिखा था।
जैसे ही मैं गया, उसने अपनी जुबान निकालकर मेरी पैंट के ऊपर से मेरा लंड चाटना शुरू किया।
मैं पागल हो गया। पूरा लैंड पूरा लोहे का रॉड बन चुक्का था।
उसने लंड को मुँह में लिया और चूसने लगी जब मैंने पैंट और चड्डी नीचे सरका दी।
फिर उसने मेरी गांड के छेद में अपनी जीभ डालकर मुझे उल्टा घुमाने लगी।
तुरंत मैंने कहा, “हाय मेरी जान..।” तुम सिर्फ साली रांड हो मादरचोद कुतिया, तुझे मेरी बहन की रखैल होना चाहिए।
जब वह मेरी गांड चूसती रही, अचानक मुझे पेशाब आ गया।
धीमी आवाज़ में मैंने उससे कहा, “एक मिनट रुक, मुझे मूतना है।”
उसने लंड पकड़कर कहा, “मेरा मुँह काफी है; मैं इस अमृत को बर्बाद नहीं होने देगा!”
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मैं जान गया।
मैंने लौड़े की धार उसके मुँह में ही खोल दी और धीरे–धीरे पेशाब करना शुरू किया।
वह भी धीरे–धीरे सारा मूत्र पीती गई।
उफ… मैं आपको यकीन दिलाता हूँ कि अगर आपको देखते तो कहते रंडी हो तो ऐसी।
बहन की लौड़ी ऐसे मजे से मूत पीती थी जैसे साली मोजितो!
सच कह रहा हूँ, भाई, तुम्हारा लंड कच्छे से बाहर निकल जाता।
अब मैंने उसके मम्मों पर भी सुसु की धार फेंकना शुरू किया।
फिर अपनी पेशाब से भी उसकी मांग भर दी।
मैंने उससे कहा कि आज से तू इस लंड की पत्नी है और हमेशा रहेगी। आज तुमने मुझे खुश कर दिया, मनीषा।
मैंने उसे पलटाकर कमोड पर झुकाकर उसकी कला की प्रशंसा की।
फिर अपने लंड को उसकी चूत में डालकर गपागप चोदने लगा।
यह एक सार्वजनिक टॉइलेट था, जहां किसी भी समय कोई भी आ सकता था, इसलिए मुझे चुदाई का खेल जल्दी ही खत्म करना था।
मनीषा: मुझे एक आह दे दो..। हाय आज मैं तुम्हारी हूँ, कृपया मुझे चोद। राकेश, मुझे चोदो..। आह्ह्ह चोदो मुझे जोर से..। आज देखो कि तुम्हारी साली कुतिया क्या चाहती है। आज आप कुछ भी कर सकते हैं। आह, मेरी चुत आपके लौड़े का पानी पीती है। मुझे जल्दी चोदो।
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मेरा लंड चुत में झड़ने ही वाला था जब मैंने अपनी स्पीड तेज की।
उसकी चुत से तेज धार से रस निकलते देखा तो मुझे बहुत अच्छा लगा।
उस वक्त वह रोती रही क्योंकि उसे लंड की बहुत जरूरत थी, लेकिन मैंने उसे सजा दी।
फिर मैंने उसके मुँह में अपना लंड डालकर उसे अपना वीर्य पिलाने लगा।
वह मुझे देखते हुए मेरे लौड़े को चूस चूसकर सारा वीर्य पी गई, फिर लंड को चाटकर साफ कर दी।
मैंने चैन लगाकर कहा, “ओके मनीषा डार्लिंग, मैं अब चलता हूँ।”
अब बस एक काम करो: अपनी ब्रा भी उतार दे और इस वन पीस ड्रेस को पहन कर बाहर आ जाओ. आज तुम मेरे साथ होगी और मेरे केबिन में भी होगी।
उसकी ड्रेस में से उसके निप्पल साफ दिखाई देने से मनीषा डर गई।
वह ब्रा नहीं पहनेगी तो लोग उसकी टोंटियों और लंड को देखेंगे।
लेकिन वह क्या कर सकती थी?
मैंने उसकी ब्रा लेकर अपनी जेब में रख ली।
सवा घंटे बाद मनीषा मेरे केबिन में आई।
उसने अपने निप्पल एक फाइल में छिपाए हुए थे।
उफ, साली, क्या माल दिख रही थी।
मैंने उसे सामने बिठाकर कहा, “रंडी, काश तुम सिर्फ मेरी होती तो कसम से हम दोनों पोर्नस्टार होते।” आपको सनी लियोनी से भी बेहतर बनाता।
उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
फिर मैंने उससे कहा कि कुछ काम है, चल। थोड़ा ऑफ बोर्डिंग करके पार्टी में जाते हैं।
ठीक है, उसने खुशी से कहा।
वह शाम छः बजे था।
मैंने उससे कहा, “मनीषा, चलो चलें!”
उसने कहा कि मुझे बार–बार मेरे बीएफ से फोन आ रहा है कि शाम का कार्यक्रम उसके साथ होना चाहिए।
मैंने उससे कहा कि फोन को कुछ समय के लिए बंद कर दें। उसे परेशान मत करो..। वह तभी तुम्हारे पीछे आएगा!
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उसने ऐसा ही किया और तुरंत फोन ऑफ कर दिया।
अब मैंने चेन की सांस ली।
फिर हम दोनों एक क्लब में गए।
मेरा मैनेजर और मेरा एक दोस्त वहां पहले से ही हमारे आने का इंतजार कर रहे थे, इसलिए मनीषा वहां पहुंचते ही हैरान हो गई।
मनीषा यह बात नहीं जानती थी।
क्योंकि मैंने सोचा था कि आज हम तीनों मिलकर कार में इस कुतिया को चोदेंगे और रात को कनाट प्लेस क्षेत्र में इसकी चुदाई की एक फिल्म बनाएंगे, ताकि वह इसे जीवन भर याद रख सके।
नाइटक्लब में सबको देखकर उसने स्माइल किया।
सब लोगों ने उसे शुभकामना दी।
जब मनीषा ने सबको धन्यवाद कहा, तो हम सब एक टेबल पर बैठ गए।
हमारी पार्टी वोदका और कुछ भोजन से शुरू हुई।
हम सभी को मैंथाल से आयातित विदेशी सिगरेट का सुगंध आ रहा था।
हम सबको मनीषा की चुदास स्पष्ट रूप से समझ आने लगी जब वह जल्द ही आग का गोला बन गई।
अब सिर्फ वन पीस ही उसके शरीर को ढके हुए थे, क्योंकि उसने ब्रा पैंटी को ऑफिस के टॉइलेट में डाल दिया था।
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वह मुझे अपने दूध की लगभग पूरी झलक दिखाते हुए कही, “मेरी जान, बताओ न आज मेरा बर्थडे कैसे मनाओगे?”
मैंने सिगरेट का धुआँ उसके दूध के ऊपरी हिस्से पर छोड़ा और कहा, “आज हम तीनों मिलकर तेरी लेंगे।”
वह एक बार यह सुनकर सकपकाई, फिर एक ही सांस में अपना गिलास होंठों से लगाकर खाली कर दी।
चुदाई का माहौल बन ही गया था।
फिर उसने सिगरेट की कस खींचकर कहा, ” आई लाइक इट डार्लिंग …. अब जब तुम तीनों को मुझे रगड़ना ही है, तो मुझे दारू पिलाओ और मुझे एक कमरे में ले जाकर मेरी चुत गांड चोद दो।”
हम तीनों ने सेक्स की बात उसके मुँह से सुनी। और एकदम मस्त हो गए।
मैंने अपनी योजना को तुरंत बदल दिया और उसी नाइटक्लब के ऊपरी फ्लोर पर एक भव्य सुईट बुक करके अपनी महफ़िल को ज़माने ऊपर जाने लगा।
हम लिफ्ट में ही थे कि मनीषा घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लौड़े को पैंट के ऊपर से चाटना शुरू कर दी।
मेरे दोस्त ने हॉर्न की तरह उसके दूध को पकड़कर कहा, “अरे यार मनीषा, इतनी जल्दी क्या है रंडी बनने की?” तुम कमरे में चलो और आज तुम्हारी गांड का भर्ता बनाते हैं!
उसने हंसते हुए लिफ्ट का दरवाजा खोला।
हम सब लिफ्ट से बाहर निकलकर अपने सुईट की ओर चले गए।
दोस्तो, हम तीनों ने मिलकर उसे रंडी बनाकर चोदा, उसकी गांड चुत को चोदा, उसको पेशाब से नहलाया और उसे पूरी रात नंगी रखकर मजे लूटे।
उसकी चुदास इतनी बढ़ गई कि उसे चुदवाने के लिए हमने एक वेटर भी बुलाया।
वह खुद हाउस कीपिंग रूम तक गई और वेटर को कमरे में बुलाने के लिए उसे उस शर्त पर ले आई कि तू मेरी ले लेना और मेरे दोस्त तेरी गांड माँरेंगे।
वह वेटर भी मादरचोद था, जो उसने झट से मान लिया।
हम सब ने खूब चुदाई कि और मजे लिए! तो दोस्तों कैसे लगी यह सेक्स स्टोरी कॉमेंट में एक बार जरूर बताना!
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