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डॉक्टर आरुषि की सील पैक चूत तीन लंडों से फटी! Hamari Vasna

📅 October 29, 2026 👤 Vasnastory 🔥 NEW

पार्टी में तीन लंडों से चुदाई के बाद राहुल ने डॉ आरुषि को घर ले जाकर पूरी रात जोरदार चुदाई की, क्योंकि Antarvasna के कारण अब उसकी चूत रोज नई लंड मांगने लगी थी! 

पिछली कहानी : “डॉक्टर की चूत की भूख कॉल बॉय ने पूरी की”

मैं सुबह-सुबह ही अस्पताल पहुँच गई थी। आज भी मैंने अपनी पसंदीदा ब्लू साड़ी पहनी हुई थी। ब्लाउज सामने हुक वाला था और पीछे सिर्फ एक पतली डोरी से बंधा हुआ।

मेरे 44D के भारी-भरकम स्तन ब्लाउज को टाइट करके उभरे हुए थे। जब मैं वॉर्ड राउंड पर जाती तो सफेद कोट पहन लेती, लेकिन स्टाफ रूम में कोट उतारते ही मेरी सेक्सी पीठ और गहरी नाभि सबकी नजरों में आ जाती।

मेरी पीठ काफी खुली हुई थी और कमर का घुमाव किसी को भी उत्तेजित करने के लिए काफी था।

“आरुषि, तुम डॉक्टर कम और रंडी ज्यादा लग रही हो आज,” डॉक्टर राहुल ने मुस्कुराते हुए मजाक में कहा।

मैंने शरमाते हुए उनकी तरफ देखा। राहुल 38 साल के थे, लंबे कद-काठी वाले और काफी हैंडसम। उनकी बात सुनकर मेरी चूत में एक झनझनाहट सी हुई।

उस दिन निकिता और भावना ने मेरी सुहागरात का जो इंतजाम किया था, उसके बाद से मेरी चूत हमेशा भूखी रहने लगी थी। रात को अकेले में भी मैं अपनी उंगलियों से चूत को रगड़ती और बड़े-बड़े लंडों का सपना देखती।

राहुल की बात सुनते ही मेरी चूत गीली हो गई। मैंने धीरे से कहा, “तो चोदोगे मुझे डॉक्टर साहब?”

राहुल मुस्कुराए और बोले, “कहीं घूमने चलें? वहाँ तुम्हारी चूत को अच्छे से ठोक दूंगा।”

उसी समय डॉक्टर रोशन स्टाफ रूम में आए। 6 फीट लंबे, मोटे बाइसेप्स और पतलून के अंदर से उनका मोटा लंड साफ उभरा हुआ दिख रहा था। मुझे देखते ही उनकी नजर मेरे स्तनों पर अटक गई।

मैं खुद को रोक नहीं पाई। उठकर उनके पास गई और उनके बगल में बैठ गई। अपना पल्लू थोड़ा नीचे सरका दिया ताकि मेरे गहरे क्लीवेज में से 44D वाले स्तन अच्छे से दिखें।

रोशन की सांसें भारी हो गईं।

“शबनम तुम्हें अब चोदने नहीं देती क्या?” मैंने शरारत से पूछा। यह Desi Sex की Doctor Antarvasana Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।


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रोशन ने बताया कि शबनम अब ग्रुप सेक्स करना चाहती है। वो दो लंड एक साथ लेना चाहती है। फिर उन्होंने मुझसे सीधा सवाल कर दिया — “आरुषि, तुम हमारे साथ शामिल होना चाहोगी?”

मेरा दिल जोरों से धड़का। मैंने बिना सोचे उनके होंठों पर किस कर दिया और अपना हाथ उनकी पतलून पर रखकर लंड को सहलाने लगी।

रोशन भी मेरे ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर मेरे स्तनों को जोर से मसलने लगे। मेरे निप्पल्स तुरंत कड़े हो गए।

“डॉक्टर… मुझे चोदो… जोर से चोदो…” मैं फुसफुसाई।

हम तीनों इतने उत्तेजित हो चुके थे कि काम के बीच में ही हम रोशन के घर चले गए।

वहाँ पहुँचते ही रोशन ने मेरी साड़ी खींचकर उतार दी। पेटीकोट ऊपर किया और घुटनों के बल बैठकर मेरी गुलाबी चूत को चाटने लगे।

उनकी जीभ मेरी चूत की फांकों के बीच घुस रही थी। मैं कराह रही थी — “आह्ह… रोशन… और जोर से चाटो… अपनी जीभ अंदर डालो…”

रोशन ने मुझे बेड पर लिटाया और अपना मोटा लंड बाहर निकाला। वो सच में बहुत मोटा और लंबा था। उन्होंने पहले मेरी चूत में धीरे से घुसाया, फिर जोर-जोर से ठोकने लगे।

“आह्ह… फट रही है मेरी चूत… लेकिन मत रुकना… जोर से चोदो!” मैं चीख रही थी।

रोशन ने मुझे doggy style में किया और मेरी गांड भी ठोक दी। पूरे दिन और रात हम तीनों (रोशन, मैं और बाद में शबनम भी शामिल हुई) ने जमकर चुदाई की। मेरी चूत और गांड दोनों भर गईं वीर्य से।

अगली सुबह जब मैं घर पहुंची तो चुदाई और वीर्य की गंध मेरे पूरे शरीर से आ रही थी।

निकिता और भावना ने मुस्कुराते हुए मेरा स्वागत किया। भावना बोली, “मेरी बेटी तो मस्त चुदाई करके आई है। अब तू चुदाई के पैसे भी कमा सकती है। अरेंज करूँ क्या?”

निकिता ने भी मजाक में कहा, “अपने डायरेक्टर लोगों से बोल दूं? वो तो तुम्हें जोर से चोदना चाहते हैं।”

मैंने उन दोनों को रोशन और शबनम के बारे में बताया। भावना तुरंत एक्साइटेड हो गई और एक बड़ी पार्टी प्लान करने लगी।

उसने मेरे चचेरे भाई विनोद, उनकी पत्नी रुबिका और बेटे विकाश को डिनर पर इनवाइट कर लिया। साथ में दो बी-ग्रेड फिल्म अभिनेता विवान और राकेश को भी बुला लिया।

रुबिका के घर पार्टी शुरू हुई तो माहौल काफी गर्म था। ड्रिंक्स, म्यूजिक और हल्की-हल्की गंदी बातें चल रही थीं। मैंने एक सेक्सी ब्लैक साड़ी पहनी हुई थी जिसमें मेरा ब्लाउज काफी डीप कट था।

मेरे 44D वाले स्तन लगभग आधे बाहर झांक रहे थे।

विनोद मेरे पास आकर बैठ गया। उसकी नजरें मेरे स्तनों पर टिकी हुई थीं।

“आरुषि, तुझे देखकर तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है। तेरा फिगर इतना खतरनाक है कि मैं सोच भी नहीं सकता कि तेरी चूत कितनी टाइट और गर्म होगी। मैं तुझे चोदना चाहता हूं आज।”


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मैं शरमा गई लेकिन अंदर से काफी उत्तेजित हो रही थी। तभी दूसरे कोने से आवाजें आने लगीं — “आह्ह… उफ्फ… जोर से… चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत!”

हमने देखा तो भावना जमीन पर लेटी हुई थी। विवान उसके ऊपर था और जोर-जोर से उसकी चूत में लंड ठोक रहा था।

विकाश भावना के एक स्तन को मुंह में लेकर चूस रहा था। भावना की साड़ी कमर तक उठी हुई थी और उसकी पायलें हर ठोके के साथ बज रही थीं।

दूसरी तरफ रुबिका चारों हाथ-पैरों के बल थी। निकिता उसके नीचे लेटकर उसकी चूत चाट रही थी जबकि राकेश रुबिका के पीछे खड़ा होकर उसकी गांड में लंड घुसा रहा था।

रुबिका चीख रही थी — “हां… और जोर से… दोनों छेद फाड़ दो मेरे… आह्ह… मैं रंडी हूं… चोदो मुझे!”

माहौल देखकर मेरी चूत भी बुरी तरह गीली हो चुकी थी।

विनोद ने अब सब्र नहीं किया। उसने मेरा ब्लाउज के हुक खोल दिए और मेरे भारी स्तनों को दोनों हाथों से मसलने लगा। फिर मेरी साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिया। मेरी टांगें फैलाकर उसने मेरी चूत को जोर से चाटना शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरी चूत की गहराई तक जा रही थी।

“आह्ह… विनोद… और जोर से चाट… मेरी चूत बहुत प्यासी है…” मैं कराह उठी।

विनोद ने अपना मोटा लंड बाहर निकाला और मेरी चूत पर रगड़ने लगा। फिर एक जोरदार धक्का देकर पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया।

“फट गई… आह्ह… बड़ा है तेरा…” मैं चीखी।

विनोद ने मुझे doggy style में कर दिया और मेरी कमर पकड़कर तेज-तेज ठोकने लगा। हर ठोके के साथ “थप थप थप” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।

तभी राकेश और विवान भी मेरे पास आ गए। विवान ने मेरे मुंह में अपना लंड ठूंस दिया जबकि राकेश मेरे स्तनों को चूसने और काटने लगा। अब मेरी चूत, मुंह और स्तन — तीनों एक साथ इस्तेमाल हो रहे थे।

“ले रंडी… तीन लंड ले… पूरी तरह भर दे अपनी चूत और मुंह…” विवान बोला।

मैं अब पूरी तरह भड़क चुकी थी। “हां… चोदो मुझे… तीनों मिलकर फाड़ दो मेरी सील चूत… आह्ह… और जोर से… गहरी मारो…”

विनोद मेरी चूत में जोर-जोर से ठोक रहा था। कुछ देर बाद राकेश ने विनोद की जगह ली और विवान ने मेरी गांड में लंड डालने की कोशिश की।

पहले तो बहुत दर्द हुआ लेकिन तेल और चूत के रस की वजह से धीरे-धीरे पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया। यह XXX Hindi Sex Kahani आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अब मैं दो लंडों से एक साथ चुद रही थी — एक चूत में, दूसरा गांड में। विवान मेरा मुंह चोद रहा था। मेरी आंखों से पानी निकल रहा था लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था।

“आह्ह… मर गई… दोनों छेद फट गए… लेकिन मत रुकना… चोदते रहो… मुझे रंडी बना दो आज…” मैं चिल्ला रही थी।

लगभग 40 मिनट तक तीनों ने बारी-बारी से मेरी चूत और गांड में लंड मारा। मैं कई बार झड़ चुकी थी। आखिर में तीनों ने मेरे मुंह, चूत और गांड पर अपना वीर्य छोड़ दिया। मैं वीर्य से पूरी लथपथ हो गई थी।

पार्टी खत्म होने के बाद रात के करीब 1 बजे डॉक्टर राहुल मुझे लेने आए। उन्होंने मुझे देखा तो मुस्कुरा दिए। मैं अभी भी चुदाई के निशानों से भरी हुई थी।


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“चल, घर चलते हैं। आज मैं तुझे पूरी रात चोदूंगा,” राहुल ने कहा।

वे मुझे अपने घर ले गए। वहां पहुंचते ही राहुल ने मुझे वॉशरूम में ले जाकर अच्छे से नहलाया। फिर मुझे बेडरूम में ले गए।

राहुल ने मुझे बेड पर लिटाया और धीरे-धीरे मेरे पूरे शरीर को चूमने लगे। मेरे स्तनों को काफी देर तक चूसा, निप्पल्स को काटा। फिर मेरी चूत पर मुंह रखकर इतनी जोर से चाटा कि मैं दो बार झड़ गई।

“आरुषि… तेरी चूत अब मेरी है… आज से रोज मैं इसे चोदूंगा,” राहुल बोले।

फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डाला। पहले तो धीरे-धीरे, फिर स्पीड बढ़ाते हुए जोर-जोर से चोदने लगे। missionary, doggy, cowgirl — हर पोजीशन में उन्होंने मुझे चोदा।

मैं चीख रही थी — “हां राहुल… जोर से चोद… मेरी चूत फाड़ दो… आह्ह… गहरी मार… भर दो अपनी मालिश से…”

राहुल ने मुझे दीवार से सटाकर खड़े-खड़े भी चोदा। फिर मुझे गोद में उठाकर standing position में ठोके लगाए। उनकी स्टैमिना बहुत जबरदस्त थी।

पूरी रात लगभग 4 बार उन्होंने मुझे चोदा। हर बार अंदर ही वीर्य छोड़ा। आखिरी राउंड में मैं उनकी गोद में बैठकर cowgirl position में खुद अपनी गांड हिला रही थी।

सुबह के 6 बजे तक हम दोनों थककर चूर हो चुके थे। राहुल ने मुझे कसकर गले लगाया और कान में फुसफुसाया — “अब से तेरी चूत को कोई और नहीं छुएगा… सिर्फ मैं चोदूंगा… समझी रंडी?”

मैं मुस्कुराई और बोली, “हां डॉक्टर… अब मेरी चूत सिर्फ आपकी है… जब मन करे ले लेना… मालिश भी कर देना और चोद भी देना।”

इस तरह उस रात मेरी जिंदगी में एक नया अध्याय शुरू हो गया। अब मैं अस्पताल में डॉक्टर तो थी, लेकिन अंदर से पूरी तरह से राहुल की personal रंडी बन चुकी थी।

श्रेणी: 📁 ऑफिस
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