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मनाली टूर में बाप-बेटे ने माँ-बहन की चूत फाड़ी! Family Vasna

📅 November 1, 2026 👤 Vasnastory 🔥 NEW

Family Sex : बारिश में पूरा परिवार एक बेड पर नंगा! बेटा माँ की चूत में लंड घुसाकर चोद रहा था, बाप बेटी की टाइट चूत फाड़-फाड़कर मार रहा था… रंडी Antarvasna से माँ और बहन दोनों की चूत बाप-बेटे के लंड की भूखी हो गई!

Family Vacation To Hell – भाग 1: मनाली की यात्रा और पहली रात की अनजानी उत्तेजना :-

दोस्तों, नमस्कार! ये कहानी है एक साधारण मध्यम वर्गीय दिल्ली वाले परिवार की, जो 2025 की गर्मियों में मनाली घूमने गया।

परिवार के चार सदस्य – पिता राजेश (42 साल), माँ प्रिया (38 साल), बेटा आर्यन (19 साल का कॉलेज सेकंड ईयर स्टूडेंट) और बेटी नेहा (18 साल की, अभी-अभी 12वीं पास करके कॉलेज में एडमिशन लिया है)।

सब पूरी तरह वयस्क थे, लेकिन घर में अभी भी वो पुराना प्यार और शरम बाकी थी।

राजेश जी एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर थे। प्रिया घर संभालती थीं और काफी आकर्षक लगती थीं – 38 साल की उम्र में भी उनका फिगर 36-30-38 का था।

बड़े-बड़े स्तन, गोल कमर और मोटी जांघें। आर्यन लंबा-चौड़ा, जिम करने वाला लड़का। नेहा बिल्कुल फ्रेश, गोरी, 34 के स्तन और नाजुक कमर वाली।

ट्रिप का प्लान पिछले छह महीने से चल रहा था। आखिरकार जून के आखिरी हफ्ते में चारों दिल्ली से अपनी SUV लेकर निकल पड़े। रास्ते में गाने, मजाक, ठहराव – सब कुछ मस्त था।

नेहा और आर्यन पीछे बैठकर पुरानी यादें ताजा कर रहे थे। प्रिया सामने राजेश के साथ बैठी थीं और कभी-कभी पीछे मुड़कर बच्चों को देखकर मुस्कुरा रही थीं।

तीन दिन की ड्राइव के बाद वे मनाली पहुंचे। होटल “हिल व्यू रिसॉर्ट” काफी अच्छा था – पहाड़ों के बीच, नदी के किनारे। राजेश जी ने पहले से दो एडजॉइनिंग रूम बुक कर रखे थे।

एक रूम नंबर 204 – प्रिया और आर्यन के लिए, दूसरा 205 – राजेश और नेहा के लिए। वजह? होटल की बुकिंग सिस्टम में गड़बड़ हो गई थी और अलग-अलग रूम मिल गए थे।

राजेश ने सोचा – “आर्यन को स्नोरिंग की आदत है, नेहा को डिस्टर्ब न हो। प्रिया को भी आराम मिलेगा।” प्रिया ने भी हामी भर दी। आर्यन और नेहा तो खुश थे – “अबे यार, अलग-अलग रूम! पार्टी टाइम!”

चेक-इन के बाद चारों ने सामान रखा। शाम को नदी किनारे घूमे, हॉट चॉकलेट पिया, फोटो खिंचवाई। रात के खाने में मटन करी, रोटी और डेजर्ट। टेबल पर हंसी-मजाक चल रहा था।

नेहा ने आर्यन को छेड़ा, “भैया, तू तो अब जिम में इतना बड़ा हो गया है, कोई GF बन गई क्या?” आर्यन हंसा, “तू चुप कर, तेरी तो पूरी क्लास लाइन मार रही होगी।” प्रिया मुस्कुराईं, “बस करो दोनों, वेकेशन है, लड़ाई मत करो।”

खाना खत्म होने के बाद वे रूम्स में चले गए। राजेश और नेहा रूम 205 में, प्रिया और आर्यन 204 में। यह Antarvasna Desi Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

रूम 204 – प्रिया और आर्यन आर्यन ने अपना बैग खोला और टी-शर्ट उतारकर जिम शॉर्ट्स पहन ली। प्रिया ने कहा, “बेटा, मैं बदलती हूं।” वो बाथरूम में गईं।


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जब बाहर आईं तो हल्की पिंक नाइटसूट में – नीचे घुटने तक का शॉर्ट और ऊपर ढीला टॉप। स्तन का आकार साफ दिख रहा था। आर्यन ने एक नजर डाली और फौरन आंखें घुमा ली।

“मम्मी, तुम आराम से सो जाओ, मैं लाइट ऑफ कर देता हूं।”

बत्ती बंद हुई। दोनों बेड पर लेटे। बाहर ठंडी हवा और नदी की आवाज आ रही थी। आर्यन को नींद नहीं आ रही थी। माँ की सांसें पास से सुनाई दे रही थीं।

प्रिया भी करवट बदल रही थीं। अचानक आर्यन का हाथ माँ की कमर पर लग गया। प्रिया हल्के से सिहर गईं लेकिन कुछ नहीं बोलीं।

“सॉरी मम्मी,” आर्यन फुसफुसाया। प्रिया ने हल्का मुस्कुराकर कहा, “कोई बात नहीं बेटा, सो जा।”

लेकिन आर्यन का मन अजीब हो रहा था। माँ का नरम बदन, उनकी खुशबू… वो करवट बदलते हुए और पास आ गया। प्रिया ने महसूस किया कि आर्यन का शरीर थोड़ा तनाव में है, लेकिन उन्होंने इग्नोर कर दिया।

रूम 205 – राजेश और नेहा इधर नेहा ने अपना छोटा शॉर्ट और टॉप पहना। राजेश ने पजामा-टीशर्ट। नेहा ने कहा, “पापा, मैं तुम्हारे पास ही सोऊंगी ना?”

राजेश हंसे, “हां बेटा, तू तो अब भी मेरी छोटी सी है।” लेकिन नेहा अब छोटी नहीं थी। 18 साल की नेहा का शरीर पूरी तरह विकसित था। लेटते ही नेहा पापा की छाती पर सर रखकर सो गई।

राजेश का हाथ अनजाने में नेहा की पीठ पर फिसल गया। नेहा ने हल्का सा करवट ली और पापा की जांघ से लग गई। राजेश को अजीब सा एहसास हुआ, लेकिन उन्होंने सोचा – “बच्ची है, सोने दो।”

रात के करीब 1 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बिजली चमकी और… पूरे होटल की लाइट चली गई। अंधेरा छा गया। यह Group Sex, XXX Hindi Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

प्रिया ने उठकर कहा, “आर्यन, बेटा उठो। लाइट चली गई।” आर्यन ने फोन की टॉर्च जलाई। उसी समय राजेश का मैसेज आया – “प्रिया, बारिश बहुत तेज है। सब एक रूम में आ जाओ, 204 में। सेफ रहेगा।”

प्रिया और आर्यन ने कुछ कपड़े उठाए और रूम 205 की तरफ गए। राजेश और नेहा भी बाहर निकले। चारों एक ही रूम 204 में आ गए। अंधेरा था, सिर्फ मोबाइल की टॉर्च। बारिश की आवाज इतनी तेज कि बात करना भी मुश्किल।

चारों एक डबल बेड और एक सोफे पर बैठ गए। प्रिया ने कहा, “थोड़ी देर रुकते हैं, बिजली आ जाएगी।” लेकिन बारिश और तेज होती गई।

अंधेरे में अनजाने टच शुरू हो चुके थे…

अंधेरे में पहला अनजाना स्पर्श:-

बारिश की तेज आवाज के बीच चारों रूम 204 में इकट्ठे हो गए थे। अंधेरा इतना गहरा कि मोबाइल की टॉर्च भी सिर्फ 2-3 फीट तक रोशनी दे पा रही थी।

बेड पर जगह कम थी – डबल बेड और एक छोटा सोफा। राजेश ने कहा, “प्रिया, तुम और नेहा बेड पर सो जाओ। मैं और आर्यन सोफे पर मैनेज कर लेंगे।”

प्रिया ने हामी भरी, लेकिन नेहा बोली, “पापा, इतनी ठंड है। सब बेड पर ही सो जाएं ना? कंबल डालकर।” आर्यन ने भी सपोर्ट किया, “हां यार, सोफा पर पीठ दुख जाएगी।”

राजेश ने थोड़ा सोचा और मान गए। “ठीक है, लेकिन कंबल सबके ऊपर डाल लो।” ये Bhai Bahan Ki Chudai Ki Kahani आप vasnastory.com पर पढ़ रहे हो।

चारों बेड पर लेट गए – बाहर से देखें तो एक फैमिली वाला सीन: राजेश बाईं तरफ, फिर प्रिया, फिर नेहा, फिर आर्यन दाईं तरफ। कंबल सबके ऊपर था।

बारिश की आवाज से बात करना मुश्किल था, लेकिन अंधेरे में हर कोई जाग रहा था।

प्रिया आर्यन की तरफ करवट लेकर लेटी थीं। उनका पैर अनजाने में आर्यन की जांघ से टकराया। आर्यन का शरीर गरम था। प्रिया ने सोचा – “बेटा है, कोई बात नहीं।”

लेकिन आर्यन का मन उखड़ रहा था। माँ का नरम पैर, उनकी सांसों की गर्मी… वो धीरे से करवट बदला। अब उनका हाथ प्रिया की कमर पर आ गया। प्रिया सिहर गईं।

उन्होंने हाथ हटाने की कोशिश की, लेकिन आर्यन ने हल्के से पकड़ लिया – जैसे अनजाने में।


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“आर्यन…?” प्रिया फुसफुसाईं। “सॉरी मम्मी… ठंड लग रही है,” आर्यन ने बहाना बनाया।

प्रिया चुप हो गईं। लेकिन उनका दिल तेज धड़क रहा था। सालों बाद किसी पुरुष का स्पर्श महसूस हो रहा था – भले ही वो उनका बेटा ही क्यों न हो।

आर्यन का हाथ अब धीरे-धीरे उनकी कमर पर फिसल रहा था। प्रिया ने रोकने की कोशिश नहीं की।

इधर नेहा राजेश के पास लिपटी हुई थी। राजेश का हाथ नेहा की पीठ पर था। नेहा ने पापा की छाती पर सर रखा और कहा, “पापा, ठंड बहुत है।” राजेश ने कंबल ऊपर खींचा।

नेहा का स्तन राजेश की छाती से दब गया। राजेश का शरीर तन गया। वो जानते थे ये गलत है, लेकिन अंधेरा, ठंड और बारिश ने सब कुछ धुंधला कर दिया था।

नेहा ने धीरे से कहा, “पापा, आपका दिल कितनी तेज धड़क रहा है।”  यह Baap Beti Ki Family Hindi Sex Kahani आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है ।  

राजेश ने हल्के से हंसा, “ठंड से होगा बेटा। सो जा।” लेकिन नेहा ने अपना पैर राजेश की जांघ पर रख दिया। राजेश का लंड हल्का सख्त होने लगा। वो शर्म से आंखें बंद कर लीं।

अचानक बिजली आ गई। रोशनी हुई। चारों एक-दूसरे की तरफ देखने लगे। प्रिया और आर्यन की आंखें मिलीं – प्रिया की आंखों में शरम और उत्तेजना का मिश्रण। नेहा और राजेश की भी। सबने जल्दी से करवट बदली।

प्रिया उठकर बोलीं, “अब तो लाइट आ गई। मैं चाय बनाती हूं।” लेकिन राजेश ने कहा, “रात के 2 बज रहे हैं। सो जाओ सब।”

फिर से लाइट्स ऑफ। लेकिन अब कोई सो नहीं रहा था।

अगली सुबह सुबह 7 बजे बारिश थमी। चारों उठे। सबके चेहरे पर थकान और एक अजीब सी चमक।

नाश्ता करते वक्त नेहा ने आर्यन को छेड़ा, “भैया, रात को तुम कितना करवट बदल रहे थे!” आर्यन हंसा, “तू भी तो पापा से चिपकी हुई थी!” प्रिया और राजेश चुप रहे, लेकिन उनकी नजरें मिलीं।

दिन भर घूमने गए – हिडिंबा टेम्पल, वशिष्ठ हॉट स्प्रिंग्स। लेकिन मन में रात की बातें घूम रही थीं। शाम को वापस होटल लौटे। आज रूम अलग-अलग थे।

लेकिन प्रिया ने कहा, “बारिश फिर आ सकती है। आज भी एक रूम में सोते हैं?” सबने हामी भरी।

रात फिर वही सीन। लेकिन इस बार थोड़ा और करीब।

प्रिया ने आर्यन के कंधे पर सर रख दिया। “Beta, ठंड लग रही है।” आर्यन ने हाथ उनकी कमर पर रख दिया। अब हाथ धीरे-धीरे नीचे सरक रहा था – प्रिया की गांड पर। प्रिया सांसें तेज हो गईं। “आर्यन… ये क्या कर रहे हो?” फुसफुसाईं।

आर्यन ने कहा, “मम्मी… मैं बस… आपको गरम रखना चाहता हूं।”

प्रिया का मन टूट रहा था। वो जानती थी ये गलत है, लेकिन शरीर कह रहा था – “बस एक बार महसूस कर लो।” आर्यन का हाथ अब उनकी Gand दबा रहा था। प्रिया ने हल्का सा “आह…” किया।

इधर नेहा राजेश के साथ। नेहा ने पापा का हाथ अपनी जांघ पर रख दिया। “Papa, यहां दर्द हो रहा है। मसल दो ना।” राजेश ने मसलना शुरू किया। धीरे-धीरे जांघ ऊपर चढ़ गई।

नेहा की पैंटी गीली हो चुकी थी। राजेश का लंड खड़ा हो गया। नेहा ने महसूस किया और फुसफुसाई, “पापा… ये क्या है?”

राजेश शर्म से चुप। लेकिन नेहा ने हाथ आगे बढ़ाया और पापा के Land पर रख दिया। “पापा… इतना सख्त?”

चारों की सांसें तेज। अंधेरे में पहली बार गालियां निकलीं – धीरे से।

आर्यन ने प्रिया के कान में कहा, “मम्मी… आप कितनी गरम हो।” प्रिया ने कहा, “चुप कर… कुत्ते।” लेकिन आवाज में गुस्सा नहीं, उत्तेजना थी।


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नेहा ने राजेश से कहा, “पापा… मुझे छूओ ना… जैसे मम्मी को छूते हो।”  यह Vasna और Desi Sex से भरपूर Nonveg और Hot Family Hindi Sex Stories आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है ।  

रात गहरी हो रही थी। Seduction का पहला दौर शुरू हो चुका था – कोई Chudai नहीं, बस टच, फुसफुसाहट, गर्म सांसें और मन की जंग।

रात के 3 बज चुके थे। बारिश अब हल्की हो गई थी, लेकिन ठंड अभी भी काट रही थी। बेड पर चारों एक-दूसरे से चिपके हुए थे। कंबल के नीचे हर कोई जाग रहा था – सांसें तेज, दिल की धड़कनें सुनाई दे रही थीं।

आर्यन का हाथ अब प्रिया की गांड पर रुक गया था। वो धीरे-धीरे दबा रहा था। प्रिया की सांसें भारी हो गईं। उन्होंने फुसफुसाकर कहा, “आर्यन… ये गलत है बेटा… हम माँ-बेटा हैं।”

लेकिन आवाज में विरोध कम था, उत्तेजना ज्यादा। आर्यन ने कान में कहा, “मम्मी… बस थोड़ा सा… मुझे ठंड लग रही है। आपकी बॉडी इतनी गरम है।”

प्रिया ने हाथ हटाने की कोशिश की, लेकिन आर्यन ने पकड़ लिया। उनका हाथ अब प्रिया की कमर से नीचे सरककर जांघों पर आ गया। 

प्रिया की पैंटी पहले से गीली थी। आर्यन ने महसूस किया और धीरे से कहा, “मम्मी… आप भी तो गर्म हो रही हो।” प्रिया शर्म से लाल हो गईं। “चुप कर… कुत्ते… ये क्या बोल रहा है?” लेकिन वो करवट नहीं बदलीं।

आर्यन का लंड अब पूरी तरह खड़ा था। वो प्रिया की गांड से लग रहा था। प्रिया ने महसूस किया और सिहर उठीं। “आह… आर्यन… ये क्या है?”

आर्यन ने कहा, “मम्मी… आपकी वजह से खड़ा हो गया है।” प्रिया ने हाथ पीछे करके महसूस किया – 7 इंच का सख्त लंड। “ओह भगवान… इतना बड़ा…”

उधर नेहा राजेश के साथ और करीब आ चुकी थी। नेहा ने पापा का हाथ अपनी जांघ पर रखा हुआ था। राजेश अब रोक नहीं पा रहे थे। उनका हाथ धीरे-धीरे नेहा की पैंटी पर पहुंच गया।

नेहा की चूत गीली थी। नेहा ने फुसफुसाया, “पापा… वहां छुओ ना… मुझे अच्छा लग रहा है।” राजेश का दिल धक-धक कर रहा था। “नेहा… ये पापा-बेटी का रिश्ता है… हम नहीं कर सकते।”

नेहा ने कहा, “पापा… बस एक बार… मुझे सिखाओ। मैं Vargin हूं।” राजेश का लंड पैंट में फड़फड़ा रहा था। नेहा ने हाथ डालकर पकड़ लिया। “पापा… आपका भी खड़ा है।” राजेश ने आह भरी, “आह… बेटी… धीरे।”

अब दोनों तरफ से हल्की-हल्की आवाजें आने लगीं…

श्रेणी: 📁 माँ बेटा
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