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माँ की चुत के बाल साफ करने के बहाने बेटे ने चोद दिया!

📅 November 2, 2026 👤 Vasnastory 🔥 NEW

भाग: 1 2

Family Sex Story : जब मैंने अपनी सौतेली माँ की नंगी चूत देखी, तो मेरा मन उसे चोदने का कर रहा था। मुझे पता था कि वो पापा की चुदाई से खुश नहीं थी। शायद इसीलिए उसने मुझे अपनी चूत दिखाई!

दोस्तो नमस्कार, मेरा नाम विक्की है। मेरी उम्र 24 साल है और मैं दिल्ली में रहने वाला हूँ। आज मैं जो कहानी आप लोगों के लिए बताने जा रहा हूं वो मेरी सौतेली मां की कहानी है।

मेरी सौतेली माँ का नाम सोनिया है, उनकी उम्र 38 साल है। देखिये कोई भी ऐसा नहीं कह सकता कि वो मेरी माँ है, यह देख कर कि उनकी उम्र कितनी है। इसके दो कारण हैं।

पहला कारण यह था कि मेरी सौतेली माँ की शादी कम उम्र में हो गई थी, और इस कारण से बच्चा भी जल्दी हो गया।

दूसरी वजह ये है कि मेरी मां ने अपने बदन को काफी मेंटेन करके रखा है। वो देखने में आपकी उम्र से दस साल कम ही लगते हैं। इनका आकार 32-30-36 है।

रंग एकदम दूध के जैसा बिल्कुल सफेद है और घर में साड़ी पहनती हैं लेकिन जब चलती हैं तो उनकी साड़ी में उनकी गांड में फंस जाती है। आप इस बात को समझ ही सकते होंगे की मेरी मां की गांड कितनी शेप में होगी।

मेरी मां की जवानी की तारीफ मैं ही नहीं कर रहा बल्कि उनको देखने वाला हर आदमी दीवाना हो जाता है। मैंने कई बार देखा था कि घर पर चाहे कोई रिश्तेदार आये या फिर कोई और मर्द आये वो मेरी मां को देखता ही रह जाता था।

सबकी नजर मेरी मां के बदन पर जाकर रुक जाती थी। हर मर्द मेरी मां के साथ सोने के सपने देखता था। यहां तक कि मेरे दोस्त भी मेरी मां के बदन को घूरते रहते थे,  मुझे पता था कि मेरे पापा मेरी मां के साथ सेक्स नहीं कर पाए थे।

सेक्स की प्यास के बारे में कई बार मैंने अपनी मां और पापा के बारे में बातें करते हुए अपने ही कानों से सुना था।

वो बातें करते थे तो मां कहती थी कि मुझे अभी भी मजा नहीं आया, रात को बार-बार मुझे उनके कमरे से इस तरह की आवाजें आती थीं।

कई बार तो मेरी मां की प्यास अधूरी रह जाने के कारण वो चिड़चिड़ी हो जाया करती थी। इस वजह से मैंने मां और पापा को कई बार लड़ाई करते हुए भी देखा था।

मगर मां किसी को इस बारे में नहीं बताती थी क्योंकि वो घर की बात को घर में रखना चाह रही थी। जब उन दोनों के बीच का झगड़ा बहुत ज्यादा बढ़ जाता था तो मुझसे रहा नहीं जाता था।

एक दिन तो मैंने मां से पूछ भी लिया- आपको अगर पापा के साथ खुशी नहीं मिलती है तो मैं कुछ मदद करूं आपकी?

लेकिन उस बात को सुन कर मेरी मां को इस बात पर गुस्सा आ गया कि मैं चुपके उन दोनों के बीच की बातें सुनता रहता हूं। उस दिन मां ने मुझे डांट भी दिया था लेकिन बाद में मैं सब कुछ ठीक हो गया।

उस दिन के बाद से मां मेरे साथ दोस्त की तरह रहने लगी थी। ये Family XXX Desi Sex Story आप vasnastory.com पर पढ़ रहे है।

मां मुझसे कई बार अपनी ब्रा और पैंटी के सेट को दिखा कर पूछ लेती थी कि कौन सा रंग सही रहेगा और मैं मां की मदद भी कर दिया करता था।


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मगर मैं मन ही मन सोच रहा होता था कि जब वो खुश ही नहीं हो पाती तो यह सब अच्छे सेट पहनने का क्या फायदा है? ऐसे ही दिन गुजर रहे थे।

एक दिन की बात है जब मां ने मुझसे अपने साथ मार्केट में चलने के लिए कहा। मैंने उनके साथ जाने के लिए हां कर दी। मां को अपने लिये कुछ कपडे़ लेने थे।

हम बाजार में एक गार्मेंट शॉप में चले गये। वहां पर जाकर मेरी मां अपने लिये ब्रा और पेंटी का सेट देखने लगी। मुझे तो अंदर जाकर काफी शर्म आ रही थी लेकिन मैं मां के साथ ही रहना चाह रहा था इसलिए मेरे पास कोई चारा नहीं था।

अंदर जाकर देखा तो मैंने पाया कि वो दुकानदार भी मेरी मां के चूचों को ही घूर रहा था। वो शक्ल से देखने में भी हरामी लग रहा था।

मां ने एक सेट पसंद कर लिया और उसके बाद वो उसको ट्राई करने के लिए अंदर चली गई। मगर फिर अंदर आवाज आई और मां मुझे अपने पास बुलाने लगी।

एक दिन की बात है जब मां ने मुझसे अपने साथ मार्केट में चलने के लिए कहा। मैंने उनके साथ जाने के लिए हां कर दी। मां को अपने लिये कुछ कपडे़ लेने थे।

मैंने जाकर देखा तो मेरी मां ब्रा और पैंटी पहने हुए खड़ी थी। उनके बदन को देख कर मेरी तो आंखें खुली की खुली रह गईं। उस दिन मैंने अपनी मां को पहली बार ऐसी हालत में देखा था।

मां को देख कर मेरे मुंह में भी एक बार तो पानी सा आ गया और मेरा लंड भी खड़ा हो गया।

अपने बदन पर ब्रा को एडजस्ट करते हुए मां मुझसे पूछ रही थी कि कैसी लग रही है। कलर कैसा लग रहा है। लेकिन मैं तो मुंह फाड़ कर अपनी मां को ही देखता जा रहा था।

उस दिन जब मैंने अपनी मां के दूध से श्वेत बदन को देखा तो मुझे पता चला कि क्यों सारे मर्द मेरी मां को इस तरह से हवस भरी नजरों के साथ घूरते रहते हैं।

मेरी मां की जवानी देख कर मेरा लंड उछलने लगा लेकिन मां को अपनी गार्मेंट के ध्यान में मेरे लंड का तनाव दिखाई नहीं दिया।

बहुत देर तक मां को देखने के बाद उन्होंने मेरी तंद्रा को तोड़ कर कहते हुए फिर से पूछा- हरामी कहां पर खोया हुआ है? मैं तुझसे पूछ रही हूं कि ये सेट मेरे ऊपर कैसा लग रहा है?

मां के दोबारा पुकारने पर मैं होश में आया और मैंने कहा- अच्छा लग रहा है।

मगर उसके बाद जो हुआ उसको देख कर तो मैं पसीना-पसीना हो गया।

मां ने कहा- रुक अभी यहीं पर! ये Antarvasan Hindi Sex Kahani आप vasnastory.com पर पढ़ रहे है।

यह कह कर मेरी मां ने ब्रा और पैंटी को उतारना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मेरी मां का बदन मेरी आंखों के सामने नंगा हो गया।

मेरी मां की चूत देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया लेकिन साथ ही मुझे शर्म भी आ रही थी इसलिए मैंने मुंह को दूसरी तरफ कर लिया।

फिर जब मां ने दूसरा सेट पहना तो कहने लगी- इसको देख कर बता कि ये कैसा लग रहा है?

मैंने देखा तो मां की चूत पर आये हुए बाल उनकी पैंटी से बाहर की तरफ झांक रहे थे।

मैंने कहा- मां, यह कुछ ठीक नहीं लग रहा है। इसमें तो आपके नीचे के बाल भी वैसे के वैसे ही दिखाई दे रहे हैं। बालों के साथ में ये बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा।

फिर मैंने मां से कहा कि वह अपनी चूत के बालों की सफाई कर लिया करे।


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इस पर मां ने पूछ लिया- वो कैसे करते हैं?

मैंने बताया- दो तरीके से हो सकती है। एक तो रेजर से करते हैं और दूसरा एक बाल हटाने के लिए क्रीम भी आती है।

मां बोली- मैं अपनी चूत पर रेजर नहीं लगा सकती। मुझे तो बहुत डर लगता है।

फिर मैंने कहा- अगर रेजर से डर लग रहा है तो आप क्रीम से अपने बालों को हटा लिया करो।

मां ने पूछा- वो कहां मिलेगी?

मैंने बताया- यहीं पर मार्केट में ही मिल जाती है।

उसके बाद हम दोनों वो सेट ले कर वहां से आ गये। साथ में उस दिन मां ने वो बाल हटाने वाली क्रीम भी ले ली।

हम दोनों घर आ गये। घर पर उस वक्त मेरे और मां के अलावा कोई नहीं था। घर पर आते ही मां बाथरूम के अंदर चली गई।

मेरे मन में मां की चूत देखने के बाद एक कौतूहल सा उठा हुआ था। दुकान में मां की चूत देख कर मेरा लंड मुझे चैन से बैठने नहीं दे रहा था।

मैंने बाथरूम की तरफ देखा तो दरवाजा अंदर से बंद किया हुआ था। लेकिन मैं मां को फिर से नंगी देखना चाह रहा था।

फिर मैं दरवाजे के पास गया तो मुझे वहां पर एक छेद मिल गया। मैंने उस छेद पर आंख जमा दी और अंदर चल रहे नजारे को देखने की कोशिश करने लगा।

मैंने देखा कि अंदर जाने के बाद मां ने गाउन को ऊपर करके पैंटी उतार ली थी। उन्होंने गाउन को उठा कर ऊपर किया और अपनी चूत पर क्रीम लगाने लगी।

क्रीम लगाने के बाद मां एकदम से चिल्लाने लगी। मां बोली- स्स्स् … मुझे जलन हो रही है। जल्दी कोई कुछ करो।

मैं तो वहीं पास में ही खडा़ हुआ था, मैंने मां से कहा- मां, आपने दरवाजा बंद किया हुआ है। मैं अंदर आकर आपकी मदद नहीं कर सकता।

मेरे कहने पर मां ने दरवाजा खोल दिया।

मेरे मन में पहले से लड्डू फूट रहे थे। मैं झट से अंदर घुस गया। मुझे जो चाहिए था वो मुझे मिल रहा था।

अन्दर जाते ही मां कहने लगी- इस क्रीम ने तो मेरी जान ही निकाल दी। मुझे बहुत तेज जलन हो रही है।

मैंने कहा- सब ठीक हो जायेगा। मुझे दिखाओ।

मैंने देखा तो मां की चूत लाल हो चुकी थी। मैंने कहा- आपने सही तरीके से क्रीम का प्रयोग नहीं किया। ये क्रीम मुझे दो। मैं आपके बालों की सफाई करने में आपकी मदद कर देता हूं।

यह कह कर मैं मां को बाहर ले आया। ये Antarvasna Chudai ki Kahani कहानी आप vasnastory.com पर पढ़ रहे है।

बाहर आने के बाद मैं अपनी शेविंग क्रीम ले आया। पहले मैंने मां के बालों को कैंची से छोटा किया।


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मां ने जो गाउन पहना था वो गीला हो गया था, मैंने मां से गाउन निकालने के लिए कह दिया। पहले तो मां ने मना कर दिया लेकिन फिर बाद में मां ने गाउन निकाल दिया।

ध्यान से मैंने मां की चूत को देखा तो उनकी चूत से गीला सा पदार्थ निकल रहा था। मेरा मन तो कर रहा था कि चूत को अभी चोद दूं। लेकिन मैं रुका रहा।

चूत पर क्रीम लगाने के बाद मैंने कुछ देर इंतजार किया कि ताकि चूत के बाल नर्म हो जायें।

उसके बाद मैंने रेजर लिया और धीरे से मां की चूत पर रेजर चलाने लगा। हल्के हाथ से मैं बालों को रेजर से हटाता गया और चूत से बाल साफ होते गये।

बीच में मैं मां की चूत में उंगली भी कर रहा था। मगर अभी मैं यह नहीं दिखा रहा था कि मैं उनकी चूत को चादने की फिराक में हूं। मैं बस बहाने से मां की चूत को उंगलियों से सहला रहा था।

कुछ देर के बाद मेरी माँ की चूत बिल्कुल साफ हो गई। मैंने उनकी चूत को एक कपडे़ से पोंछ दिया। मैं जब चूत पर कपड़ा फेर रहा था तो मैंने मां के चेहरे को देखा।

 मुझे पता चल गया था कि मां को अपनी चूत के साथ इस तरह से छेड़खानी करवाने में मजा आ रहा है।

मैंने जानबूझ कर अपनी माँ की चूत को रगड़ना जारी रखा। मां की चूत धीरे-धीरे फूलती हुई सी मालूम पड़ी।

उनकी चूत को को पोंछते हुए मेरे लंड का भी बुरा हाल हो रहा था। फिर जब मुझसे न रहा गया तो मैंने मां की चूत में उंगली करना शुरू कर दिया।

मां ने भी इस हरकत का कोई विरोध नहीं किया। वो अब धीरे-धीरे सिसकारियां लेने लगी।

तभी पापा का फोन आ गया। मां ने बात की तो पापा ने कहा कि वो आज रात को घर नहीं आने वाले हैं।

कहानी का अगला पार्ट : “माँ की चुत के बाल साफ करने के बहाने बेटे ने चोद दिया 02”

श्रेणी: 📁 माँ बेटा
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