माँ चोदने के चक्कर में मौसी भी चुद गई! Family Antarvasna
Family Sex Story : पढिए रवि की Antarvasna चुदाई कहानी जिसमें वो रात को अपनी Mom की चुदाई करने के चाह में अपनी मौसी की ही चुदाई कर डालता है, फिर रात में तीनों Threesome Sex करते है!
मेरा नाम रवि है मै एक गाँव मे रहता हु, मेरे घर मे मै मेरी छोटी बहन मम्मी पापा ही रहते है।
यह मेरी पहली कहानी है कुछ गलती हुई तो माफ करना!
अब मै सीधे कहानी पर आता हु। मैं 12 मे पढाई करता हु। मेरी एज अभी 19 साल की है। मेरी बहन 9th मे है लेकिन वो गौरमेंटेड स्कूल मे वही हॉस्टल मे रहती है। घर मे सिर्फ हैं 3 लोग ही रहते है।
मुझे चुदाई करना बहुत पसंद है। खासकर मुझे लड़कियों से जादा आँटियाँ बहुत पसंद है। उनको चोदने का मज़ा ही कुछ अलग है। मैं रात को ब्लू फिल्म देखता था स्टोरी भी पड़ता था।
एक दिन रात को मैं गरम कहानी डॉट कॉम पर स्टोरी पढ़ रहा था मम्मी की चुदाई वाली, पूरी स्टोरी पढ़ कर मुझे बहुत मज़ा आया। फिर मैंने अपना लंड हिलाया।
फिर अगले दिन से मैं अपनी मम्मी को गलत निगाहों से देखने लगा।
आपको बता दु मेरी मम्मी का नाम सुमन है उनकी एज अभी 40 के करीब है उनकी गांड एकदम मटके जैसी गोल गोल हैं। अब मेरी मैं मे मम्मी के लिए सेक्स वाली फीलिंग आने लगी।
मेरी मम्मी पापा दोनों अलग कमरे मे सोते थे। मेरे मन मे मम्मी को नंगा देखने का मन कर रहा था। जब भी मन होता तो मम्मी की चड्डी को सुंघ कर अपना पानी निकल देता था। लेकिन मेरा मन उनकी चुदाई देखने का था।
बात है 22 जनवरी 2024 की मम्मी पापा के साथ बाजार गई थी घर पर मैं अकेला था। मैं मम्मी के कमरे मै गया। उनके कमरे के पीछे दीवार मे एक खड़की लगी थी उसके पीछे स्टोर रूम था।
खिड़की लकड़ी के पतरे कि बनी थी जिसमे बीच मे थोड़ा जगह थी मैंने चाकू से थोड़ा जगह और कर दिया की मुझे अच्छे से दिखाई दे। मेरे घर में प्लास्टर नहीं हुआ था।
फिर मैं स्टोर रूम मे गया वहाँ खिड़की के पास जो भी समान रखा था उसको किनारे कर दिया और खिड़की के पास अच्छे से साफ कर दिया।
फिर मैं बाहर आ गया। रात को सब लोग खाना खा रहे थे मेरा तो मन बस यही कर रहा था की मम्मी जल्दी कमरे मे जाय। ये Family Antarvasan Hindi Sex Kahani आप vasnastory.com पर पढ़ रहे है।
मैं खाना खा कर अपने कमरे मे चला गया। और अपना फोन चालने लगा। 1 घंटे बाद 10 बज चुके थे। गाँव मे 10 बजे सोने का टाइम हो जाता है।
मम्मी अपने कमरे मे चली गई और दरवाजा बंद कर ली जैसे मैंने देखा मैं स्टोर रूम के पास गया धीमे से दरवाजा खोला फिर अंदर गया, अंदर अंधेरा था।
मैंने अपना फोन का टॉर्च आन किया फिर खिड़की के पास आ गया फिर टॉर्च बंद कर दिया और देखने लगा। कमरे की लाइट जल रही थी पापा कंबल ओढ़ कर लेटे थे।मम्मी बेड के बगल मे खड़ी थी।
फिर मम्मी अपना साल उतार कर रख दी उसके बाद सेवटर उतार दी। फिर सारी खोल कर रख दिया अब मम्मी सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज मे थी।
फिर मम्मी नारियल के तेल का डिब्बा उठाई और आकर बेड पर बैठे गई। और तेल हाथ मे डाल कर अपने हाथो मे लगाने लगी
फिर अपने पैर मे लगाने लगी उनकी पेटीकोट उनके जांघो तक उठी थी उनकी जांघे देख कर मेरा पर खड़ा हो चुका था। फिर मम्मी पापा से बोली की जी आप भी लगाओगे पापा बोले लगा दो।
फिर मम्मी कंबल हटाया फिर तेल हाथ मे लेकर पापा के हाथो मे लगाने लगी। हाथो मे लगाने के बाद पैर मे लगाने लगी।
फिर धीमे धीमे उपर आ गई उनकी चड्डी मे हाथ डाल दिया और अंदर लगाने लगी फिर मम्मी चड्डी नीचे कर दी और लंड मे मलिश करने लगी।
5 मिनट तक ऐसा चला फिर पापा अपनी चड्डी ऊपर कर ली और मम्मी भी तेल का डिब्बा रखने चली गई।
फिर पापा दरवाजा खोल कर बाहर चले गए और मम्मी भी दोनों बाहर आंगन मे गई वहाँ की लाइट जल रही थी मैं स्टोर रूम कि दीवार के छेद से देखने लगा।
नल के पास पापा मुतने लगे मम्मी भी वही बगल मे पेटीकोट उठा कर मुतने लगी। दोनों फिर कमरे मे आ गए। मैं खिड़की के पास आ गया।
पापा आकर लेट गए मम्मी दरवाजा बंद कर रही थी फिर मम्मी भी बेड पर आ गई और लेट गई पापा उनके उपर आये और उनके होठ को चूमने लगे ये देख कर मेरा लंड फनफनाने लगा मैं लंड को धीमे धीमे सहलाने लगा।
फिर पापा मम्मी की ब्लाउज खोल दिये और उनके दूध को मसलने लगे। थोड़ी देर बाद पापा मम्मी की पेटीकोट ऊपर कमर तक कर दिये मुझे उनकी झांटो वाली बुर दिखने लगी
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देख कर मेरे पूरे बदन मे आग लग गई। फिर पापा अपनी चड्डी नीचे की और मम्मी की बुर मे डाल कर चोदने लगे मैं भी अपना लंड हिलाने लगा। 20 मिनट बाद पापा मम्मी दोनों झड़ गए और मेरा भी झड़ गया।
फिर दोनों कंबल ओढ़ कर लेट गए मै भी अपने कमरे मे आकर लेट गया। अब मैं उनकी चुदाई रोज देखने लगा। मम्मी रोज चुदवाती थी। जब महीने मे उनको पीरियड्स आता था तब भी वो गांड मे रगाडवती थी अंदर नही लेती थी।
अब मैं समझ गया की मम्मी बिना चुदे जादा दिन नही रह सकती। मैं रोज उनकी चुदाई देखने लगा
कुछ महीने बाद किसी कारण से घर में पैसों की दिक्कत होने लगी, 1महीने तक पापा ने देखा, कुछ नही हुआ तो पापा मोसा जी सी बोले मौसा जी दुबई मे काम करते है।
कुछ दिन बाद पापा का भी वीजा आ गया ये सुन कर मम्मी ज्यादा खुश नही थी।
जाने से 1 दिन पहले,,,
रात को सबने खाना खाया रोज़ कि तरह मैं कमरे मे आ गया। मम्मी भी कमरे मे चली गई। मैं भी जल्दी से स्टोर रूम मे चला गया। और देखने लगा। मम्मी बेड पर बैठी थी पापा से बात कर रही थी:
मम्मी – जी आप कल चले जाओगे 2 साल बाद आओगे मैं क्या करूँगी।
पापा – सुमन देखा काम भी तो जरूरी है ना, 2 साल तो यु हि निकल जायेगा।
फिर पापा मम्मी को चूमने लगे मम्मी बोली जी आज पुरी रात करो सोने नही दूंगी।
papa हसे और चूमने लगे। फिर मम्मी लेट गई वो भी पापा का पुरा साथ देने लगी फिर पापा मम्मी की सारी उतार दिये फिर उनके पेट को चूमने लगे फिर उनकी पेटीकोट खोल दिया फिर अपना लंड खोश दिया बुर मे और चोदने लगे।
15 मिनट बाद दोनों झड़ गए मै भी झड़ गया फिर दोनों नंगे लेट गए। 1 घंटे बाद फिर 1 बार Chudai हुआ। फिर झड़ गया फिर दोनों लेट गए।
मैं भी जाकर सो गया। सुबह हुई सब लोग नास्ता कर लिया गया फिर पापा अपना समान पैक करने लगे मई का महिना था तो गर्मी भी थी।
समान पैक करने के बाद पापा नहाने चले गए। दोपहर को, 2 बजे उनको निकलना था। 12 बजे सब ने खाना खाया मै खा कर बोला मम्मी मैं जा रहा हु सोने बहुत नींद लग रही है।
मम्मी बोली ठीक है 1 घंटा सो लो 2 बजे पापा को बस स्टॉप भी भेजने जाना है मैं चला गया सीधे स्टोर रूम मे थोड़ी देर बाद मम्मी पापा अंदर आये पापा चड्ढी बनियान मे थे।
मम्मी दरवाजा बंद की और लेट गई अपनी साड़ी ऊपर कर ली फिर पापा अपना लंड डाल दिया और चोदने लगे 20 मिनट बाद दोनों झड़ गए।
मम्मी बाहर चली गई मैं भी कमरे मे चला गया। 2 बजे मम्मी मुझे बुलाई मैं मैं गया मम्मी बोली की पापा को छोड़ आओ मैं पापा को छोड़ने चला गया साम को मैं 5 बजे वापस आ गया
रात को मम्मी और मैंने खाना खाया फिर मम्मी पापा से फोन पर बात करने लगी मैं अपने कमरे मे चला गया। कुछ दिन यैसे ही निकल गए।
मैं सोच रहा था की मम्मी को कैसे चोदु 2 दिन के बाद रात को 11 बजे मैं मुतने उठा।
मैं नल के पास गया मैं मूत के वापस आ रहा था तभी मम्मी के कमरे से आवाज आ रही थी ब्लू फिल्म कि मैं जल्दी से स्टोर रूम के अंदर गया तो देखा मम्मी फोन मे ब्लू फिल्म देख रही थी और अपनी बुर मे उंगली कर रही थी।
ये देख कर मेरा लंड फनफनाने लगा और मैं हिलाने लगा। मैं समझ गया की मम्मी अब दिक्कत हो रही हैं। थोड़ी देर बाद मम्मी झड़ गई और मैं भी झड़ गया।
मम्मी बगल से 1 कपड़ा उठाई और बुर को पोंछा और लेट गई। मैं भी अपने कमरे मे चला गया सुबह मैं 5 बजे उठ गया मैं मम्मी के बारे मै ही सोच रहा था और लंड सहला रहा था।
सुबह के 6 बज गए मम्मी झाड़ू लगाने लगी मम्मी मेरा दरवाजा धकेली और बोली रवि उठो फिर बारंदे मे झाड़ू मरने लगी। मेरा भी लंड तना खड़ा था।
फिर मैंने अपनी चड्डी के छेद से लंड की टोपी bahar निकाल दिया और चादर भी ड़ा हटा दिया और सोने का नाटक करता रहा।
मम्मी मेरे कमरे मे आ गई झाड़ू मरने लगी मम्मी मेरे बेड के करीब आई झाड़ू मार रही थी तभी उनकी नज़र मेरे लंड पर पड़ी मम्मी देखने लगी फिर मम्मी मेरी चड्डी धीमे धीमे ऊपर उठाई और पुरा लंड देखने लगी।
उनका हाथ लगते ही एकदम करेंट जैसा लगा पर खड़ा था फिर मम्मी चड्डी नीचे करके बाहर चली गई। ये Antarvasan Hindi Sex Kahani आप vasnastory.com पर पढ़ रहे है।
मै समझ गया की मम्मी चुदना चाहती है, फिर मैं बाहर गया मम्मी मुझे ही देख रही थी। मैं भी बहुत खुश था। दोपहर को मैं अपने कमरे मे सो रहा था अचानक मेरा पंखा खराब हो गया।
मैं मम्मी के पास गया बोला मम्मी मेरा पंखा खराब हो गया है। मम्मी बोली की कोई बात नही कल उस्को खोल कर मिस्त्री को दे देना।
रात हो गई दोनों खाना खा लिए मम्मी बोली रवि तुम्हारा पंखा तो खराब है तुम मेरे कमरे मे सो जाना।
मैं – नही मम्मी मैं वही लेट जाऊंगा
मम्मी – क्यो गर्मी नही लगेगी।
मैं – मम्मी मै चड्डी पहन कर सोता हु आपके पास कैसे लटूंगा
मम्मी – कोई बात नहीं है लेट जाना
फिर दोनों कमरे मे चले गए मैं चड्डी मे लेट गया। मम्मी भी बगल मे लेट गई। मुझे नींद नही आ रही थी लेकिन कुछ देर बाद दोनों सो गए मेरी आँख खुली मैंने देखा तो रात के 1 बज रहे थे मम्मी की साड़ी उनके जांघो तक थी।
मेरा लंड पुरा खड़ा था फिर मैं धीमे धीमे साड़ी उनकी कमर तक कर दिया मम्मी की मटके जैसी गाँड़ पूरी साफ दिख रही थी।
फिर मैंने अपना लंड मम्मी की गाँड़ मे टच करने लगा मैं धीमे धीमे रगड़ने लगा मम्मी कुछ नही कर रही थी अचानक मम्मी अपनी गाँड़ मेरी तरफ अंदर और कर ली अब मम्मी की बुर पुरा दिख रहा था।
मै बुर सहलाने लगा मम्मी भी अपने हाथ से मेरा लंड सहलाने लगी मैं मम्मी के दूध दबाने लगा फिर मैं मम्मी के ऊपर आ गया और उनके होठ चूसने लगा।
मैं – मम्मी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो।
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मम्मी – अच्छा
मैं – हा मम्मी मैं आपको बहुत दिनों से चोदना चाहता था। लेकिन आपकी चुदाई देख कर काम चला लेता था।
मम्मी – क्या मैं कुछ समझी नहीं।
मै – मम्मी मै आपकी चुदाई छुप कर देखता था।
मम्मी- अच्छा ओह कैसे?
मैं – मम्मी स्टोर रूम की खिड़की से!
मम्मी – ओह अच्छा। मुझे पता ही नही था!
फिर मैं मम्मी के मोटे मोटे मम्मो को चूसने लगा
फिर मैंने मम्मी साड़ी निकाल दिया उनकी कमर को किस करने लगा!
मैं – मम्मी कभी बुर चटवाई है?
मम्मी – नही! कभी नही! सिर्फ फोन मे देखी हूँ बस, गाँव देहात मे ये सब नही होता है।
फिर मैने मम्मी की पेटीकोट उतार दी फिर उनकी बुर चाटने लगा
मम्मी – आह आह आह ओह ओह ओह उफ़ उफ़ आह! ये XXX Desi Sex And Chudai Ki Kahani आप vasnastory.com पर पढ़ रहे है।
मम्मी नसीली सिस्कारी ले रही थी। थोड़ी देर बाद मैं लेट गया मम्मी मेरे उपर आ गई और मुझे चूमने लगी
फिर मम्मी मेरा लंड चूसने लगी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था थोड़ी देर बाद मम्मी लेट गई मैं अपना लंड मम्मी की बुर मे डाल दिया और चोदने लगा।
मम्मी— आह आह ओह ओह उफ्फ उफ्फ् आह उफ्फ् रवि तेरा लंड तो तेरे पापा से भी मस्त है आह उज्फ्फ् उफ्फ ओह ओह ओह ओह आह
फिर मैंने मम्मी को 20 मिनट तक चोदा और उनकी ही बुर मै झड़ गया और दोनों लेट गए। थोड़ी देर बाद मेरा फिर खड़ा हो गया मम्मी लेटी थी मैंने फिर बुर मे डाल दिया और चोदने लगा।
15 मिनट बाद झड़ गया फिर सो गया इस तरह दोनो रोज साथ सोने लगे और मै मम्मी को चोदने लगा। कुछ दिनों बाद मौसी मेरे घर आ गई। कुछ दिनो के लिए।
फिर रात को सबने खाना खाया मै अपने कमरे मे आ गया। मौसी मम्मी के रूम मे लेटने चली गई।
मैं – मम्मी आज कैसे होगा?
मम्मी – 12 बजे आ जाना तब तक मौसी सो जायेगी
मैं – ठीक है मम्मी!
मैं 12 बजे मम्मी के कमरे मे गया मम्मी लेटी थी फिर मैंने लाइट बंद कर दिया और मम्मी के ऊपर लेट गया और लंड डाल कर चोदने लगा।
मम्मी – मै हमेसा इधर ही लटूंगी और लाइट बंद रहेगी।
मैं – ठीक है मम्मी।
थोड़ी देर बाद मैं झड़ गया फिर अपने कमरे मे चला गया, 3.4 दिन ऐसे निकल गए।
फिर 1 दिन मम्मी की तबियत खराब हो गई खासी भी आने लगी, मम्मी डॉक्टर को दिखा कर दवा लाई। रात को मै मम्मी के पास गया
मैं – मम्मी, मम्मी मम्मी क्या हुआ
मम्मी – रवि आज मन नही कर रहा है!
मम्मी Please कर लो मम्मी!
मम्मी – आज नही! कल तु आना कर लेना ठीक है!
फिर मैं चला गया। अगले दिन रात को
मै मम्मी के कमरे मे गया फिर मम्मी के कान के पास बोल
मैं – मम्मी,,, मम्मी लाइट भी बंद थी मम्मी
आवाज आई — ऊँ ऊ
मम्मी साड़ी ऊपर करो
फिर साड़ी उपर हो गई मैं ऊपर लेट गया लंड डाल दिया आज बुर थोड़ा टाइट थी
मै— मम्मी आज बुर टाइट क्यो हैं
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कुछ नहीं बोली मैं चोदने लगा मुझे मज़ा आ रहा था
धीमे धीमे आवाज आ रही थी— आह, आह, आह, उफ्फ उफ़ ऊफ्फ् ओह थोड़ी देर बाद मैं झड़ गया। फिर चला गया।
अगले दिन सुबह मम्मी बोली कल तुम आये नही थे।
मैं समझ गया की कल मौसी को चोद दिया हु
मैं – मम्मी कल आया तो था चोदा भी था।
मैं – मम्मी कल लगता है मैंने मौसी को चोद दीया बुर भी टाइट थी उनकी मुझे लगा था।
मैं – मम्मी एक बात बोलू
मम्मी – कहो!
मम्मी अब तो मौसी भी चुद गई है दोनो को साथ मे चोदु? बोलो बहुत मज़ा आयेगा!
मम्मी – वो करेगी?
फिर मम्मी मौसी को बुलाई
मम्मी ने मौसी से कहा रानी मेरी मौसी का नाम रानी है रानी रात को क्या कर रही थी?
मौसी – वही दीदी जो रोज आप करती हो! आपको चुदाई करते देखकर मेरा भी बहुत मन करने लगा था!
जब आप करती थी तो मैं जगा करती थी, सिसकिया सुन कर मैं भी अपना बुर सहलाने लगती थी उस रात आप दवा खा कर गहरी नींद मै सो रही थी तो मैं आपको खिसका कर आप की जगाह पर लेट गई थी।
मम्मी – ठीक है तो आज रात को साथ मे करेंगे!
रात हुई
तीनो लोग कमरे मे चले गए
लाइट ऑन थी
मै मौसी के होठ चूसने लगा मम्मी मेरा लंड चूस रही थी थोड़ी देर बाद मम्मी बोली
मम्मी – मौसी को चोदो पहले
मैं मौसी को चोदने लगा और मम्मी के होठ चूसने लगा
15 मिनट बाद मै मौसी कि बुर मे झड़ गया। फिर बीच मे लेट गया दोनो मुझे चूमने लगी थोडी देर बाद मैं मम्मी के ऊपर चड़ गया और उनको चोदने लगा 15 मिनट बाद मम्मी की बुर मे झड़ गया। फिर सो गया
इस तरह अब मै Mom Aur Mausi दोनों को चोद रहा हूँ!
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